समता दिवस के रूप में मनाया डॉ. अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस, कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने वृद्धजनों को किया सम्मानित
बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस समता दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बाबा अंबेडकर को नमन करने के साथ ही वृद्धजनों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर भारत वर्ष ही नहीं, बल्कि दुनिया के उन चुनिंदा लोगों में शुमार हैं, जिन्होंने गरीबी गुरबत व सामाजिक अपमान व शोषण का मुकाबला करते हुए एक बड़ा मुकाम हासिल किया। इसकी कल्पना ही रोमांचित करने वाली है। फिर पूरी दुनिया को शिक्षित संगठित होने का नारा देकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।बाबा साहेब के 65वें निर्वाण दिवस पर कांवली के शास्त्रीनगर वार्ड में आयोजित समता दिवस सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि एक अनुसूचित जाति के परिवार में आज से लगभग सवा सौ साल पहले जन्म ले कर जिस स्तर की शिक्षा डॉक्टर अम्बेडकर ने ग्रहण की, वह आज के युग में भी असंभव सी लगती है। धस्माना ने कहा कि बाबा साहेब ने गरीब, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक व महिलाओं के बारे में जो कहा और लिखा व उस पर एक वक्तव्य या एक लेख नहीं, बल्कि कई ग्रंथ लिखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि वे भारत जैसे महान देश के।संविधान निर्माता बन कर युग पुरुष बन गए और जब तक भारत की आज़ादी के संघर्ष की गाथाओं को याद किया जाएगा। भारत के संविधान जहां और जब भी जिक्र होगा डॉक्टर अम्बेडकर को याद किया जाएगा। इस अवसर पर धस्माना ने डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर मालार्पण किया।क्षेत्र के वृद्धजनों को शाल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजक अवधेश, मनीष भदौरिया, अनीता दास, मीनाक्षी, संजय कटारिया, विक्रांत राठी, मानव वार्ष्णेय ने भी अपने विचार व्यक्त किये।




