डीजीपी का आदेश हुआ हवा, लाठी के सहारे कोतवाली पहुंची 65 साल की बुजुर्ग महिला, खड़े होकर लिखी रिपोर्ट, फूट फूटकर रोई
सीनियर सिटीजन की परेशानी को दूर करने के लिए उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के आदेश के बाद पुलिस ने काउंटर तो बना दिए, लेकिन ऐसे बुजुर्गों के बैठने तक की व्यवस्था तक नहीं की गई।
सीनियर सिटीजन की परेशानी को दूर करने के लिए उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के आदेश के बाद पुलिस ने काउंटर तो बना दिए, लेकिन ऐसे बुजुर्गों के बैठने तक की व्यवस्था तक नहीं की गई। लाठी के सहारे चलते हुए शिकायत लेकर आई 65 साल की बुजुर्ग महिला को काउंटर पर खड़े होकर ही तहरीर लिखनी पड़ी। शिकायत देने के बाद वह वहीं फूट फूटकर रोने लगी। ऐसा नजारा सोमवार को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी कोतवाली में देखने को भी मिला। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उसकी व्यथा सुनने को कोई तैयार नहीं था। उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया है। बुजुर्गों के सम्मान को लेकर डीजीपी के आदेश भी यहां हवा होते दिखे। ना उसे पानी को पूछा गया। ना ही कुर्सी मिली और न ही किसी ने ठीक से उससे बात की।सोमवार को धर्मपुर बरेली रोड निवासी 65 वर्षीय आशा अग्रवाल कोतवाली में पहुंचीं। उनका कहना था कि वह स्टाम्प विक्रेता हैं। जब वह तीन साल की थीं तब पिता की मौत हो गई। सालों पहले मां का साथ भी छूट गया। इसलिए वह अपनी शादी नहीं कर पाईं। 40 साल तक कोर्ट परिसर में काम करने के बाद वह तहसील में स्टांप बेचकर अपना गुजर बसर करती हैं।
आरोप था कि दो युवक उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने मारपीट कर दी। वह कोतवाली शिकायत करने पहुंचीं तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। शिकायत काउंटर पर खड़े होकर उन्हें तहरीर लिखनी पड़ी। आरोप था कि 23 अप्रैल को भी उनके साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में आरोपितों पर केस दर्ज हुआ, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं, पुलिस का कहना है कि बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाता है।




