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October 16, 2026

दुर्गाष्टमी पर देर रात तक पूजा पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नवमी पूजा आज, जानिए मुहूर्त

शारदीय नवरात्र के मौकों पर मंदिरों के साथ ही घरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जा रही है। इसके अलावा दुर्गा पंडालों में भी उत्सव के रूप में पूजा का आयोजन हो रहा है।

शारदीय नवरात्र के मौकों पर मंदिरों के साथ ही घरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जा रही है। इसके अलावा दुर्गा पंडालों में भी उत्सव के रूप में पूजा का आयोजन हो रहा है। देहरादून में दुर्गा अष्टमी को प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल कॉलिंदी एनक्लेव में परम्परागत विधि विधान से बंगाली पुजारी पंडित ने शिवशंकर गोस्वामी ने मंत्रोच्चार के साथ माँ महागौरी का पूजन व आरती की। संघ्या आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। आज यानी 14 अक्टूबर को नवमी की पूजा की जाएगी।
नवरात्रि पूजा का आखरी दिन
इस बार शारदीय नवरात्रि की नवमी आज यानी 14 अक्टूबर को है। ये नवरात्रि पूजा का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां दुर्गा की षोडशोपचार पूजा करने के बाद हवन किया जाता है। कई लोग नवमी के दिन कन्या पूजन करके व्रत का उद्यापन भी करते हैं। नवरात्रि की महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
नवमी तिथि की शुरुआत 13 अक्टूबर को रात 8 बजकर 7 मिनट पर हो गई है। इसकी समाप्ति 14 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 52 मिनट पर होगी। पंचांग अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:42 से 05:31 तक था। अभिजित मुहूर्त आज ही सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तक है। साथ ही आज 14 अक्टूबर की सुबह 9:36 बजे से लेकर पूरे दिन रवि योग भी है।

धस्माना ने पूजा अर्चना कर बाटे मास्क व सैनिटाइजर
देहरादून में दुर्गा अष्टमी को प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल कॉलिंदी एनक्लेव में अष्टमी की रात महाआरती में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाग लिया। श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि नव दुर्गा के सबसे सौम्य रूपों में एक रूप माँ महागौरी का है, जो कल्याण करने वाली व आशीष देने वाली है। इसका पूजन आठवें नवरात्र को किया जाता है। धस्माना ने कहा कि इस कोरोना काल में माँ भगवती से यह विशेष प्रार्थना है कि वे इस वैश्विक महामारी का उसी प्रकार दमन व उन्मूलन करें, जैसे उन्होंने रक्तबीज महिषासुर, शुम्भ, निशुम्भ का वध करके किया। धस्माना ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को आक्सिमीटर मास्क व सैनीटाइजर भेंट किये व कोविड से लगातार सावधान रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि आज 14 अक्टूबर को महानवमी पूजा के तहत सुबह 11 बजे पुष्पांजलि व प्रसाद वितरण होगा। इसके बाद भोग, हवन व भंडारा दोपहर एक बजे तक होगा। रात को संध्या आरती होगी। 15 अक्टूबर को सुबह आठ बजे दशमी पूजा होगी। नौ बजे सिंदूर खेला होगा। इसके बाद विजर्जन के लिए दुर्गा की प्रतिमा हरिद्वार के लिए सुबह दस बजे प्रस्थान करेगी।

पूजा महोत्सव में संरक्षक धर्म सोनकर, अध्यक्ष रामपद जाना, प्रो प्रदीप सिंह, सर्वश्री त्यागी, संरक्षक डॉक्टर आरएन शर्मा, कॉलिंदी सोसाइटी के अध्यक्ष जेके सिंह, कोषाध्यक्ष निमई, हर्ष कुमार, एमएन पराशर, डाक्टर सिन्हा, हरीश चन्द्र झा, विनीत सिंह, नेहा, नन्दकिशोर, मनीष गुप्ता, शिवप्रसाद, विजय कुमार, एसएन सिंह, एके सिंह, अंजन कुमार, सुरेश कुमार, शरदकुमार, गौतम सोनकर, माधवी जाना, शोभा सोनकर, रोमा, रीमा, कंचन, निमई जाना, प्याली जाना, छोटे लाल, भोले नाथ राय, डीडी डालाकोटी, एचएस आहुजा, डाक्टर विजय अग्रवाल, डीसी गोयल, रेनु गोयल, नीरजा बजाज, शिवप्रसाद, नीरज अग्रवाल, सुनील आहुजा, विजय अरोड़ा, अर्जुन सिंह त्यागी, अनन्त आकाश आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

फोटोः एकडलिया रोड कोलकाता में एक घर में आयोजित दुर्गा पूजन में श्रद्धालु, फोटो- सुमंतो मुखर्जी। 

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।