गलत स्थानांतरण के विरोध में कौशल विकास एवं सचिव से मिला आइटीआइ कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल, रखी अपनी बात
उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रान्तीय महामंत्री पंकज सनवाल के नेतृत्व में कौशल विकास एवं सेवायोजन सचिव विजय कुमार यादव से सचिवालय स्थित उनके कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान स्थानान्तरण एक्ट के अन्तर्गत प्रशिक्षण विभाग में हुए गलत स्थानान्तरणों का विरोध किया गया। साथ ही संघ ने अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय सचिव को विभाग मे स्थानान्तरण एक्ट की अनदेखी कर किए गए स्थानान्तरणों से सम्बन्धित समस्त तथ्यों से अवगत कराया। साथ ही अनुरोध किया कि विवादित बिन्दुओं पर शासन स्तर से शीघ्र कार्यवाही कर कर्मचारियों को राहत पहुंचाई जाए।
संघ ने सचिव को अवगत कराया गया कि गलत स्थानांतरण के कारण कई कार्मिक न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य हैं। इसके क्रम में एक वरिष्ठ कार्मिक को स्थानान्तरण एक्ट के विरुद्ध स्थानान्तरण करने के उपरांत, आज उच्च न्यायालय ने उक्त स्थानान्तरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने सचिव से निवेदन किया गया कि ऐसे प्रकरणों का स्वतः संज्ञान लेते हुए यथाशीघ्र कार्यवाही की जाए। इस पर सचिव ने समस्त बिंदुओं और तथ्यों पर विचार करने और उचित कार्यवाही का भरोसा संघ को दिया। संघ के प्रतिनिधिमंडल में प्रान्तीय महामंत्री पंकज सनवाल, संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आर पी जोशी, प्रान्तीय कार्यकारिणीं सदस्य चन्द्रेश काण्डपाल एवं अरुण पंवार मौजूद थे ।
वार्ता के बिंदु
1.स्थानान्तरण एक्ट की पात्रता सूची बनाए जाने में सुगम दुर्गम के दिनों की गणना सही नहीं किए जाने से अपात्र कार्मिक का स्थानान्तरण हो गया किन्तु जिस कार्मिक का वाकई में स्थानान्तरण होना था वह उससे वंचित हो गया।
2.विभाग ने स्थानान्तरण एक्ट के अनुरुप विकल्पों का प्रकटीकरण विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं किया, जो कि स्थानान्तरण एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है ।
3.सचिव, कौशल विकास एवं सेवायोजन की ओर से मुख्य सचिव महोदय से विशेष छूट प्राप्त कर यूकेडब्ल्यूडीपी आईटीआई को स्थानान्तरण से मुक्त रखने के उपरांत भी कई संवर्गों के कार्मिकों का उक्त संस्थानों से स्थानान्तरण किया गया।
4.दुर्गम संस्थानों में मुल तैनाती किन्तु विगत दो वर्षों से सुगम में सम्बद्ध कार्मिकों के दिनों की गणना दुर्गम में कर विभाग की ओर से स्थानान्तरण एक्ट का सीधा उल्लंघन किया गया है ।
5.मुख्य सचिव महोदय के अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानान्तरणों की सीमा निर्धारित किए जाने के उपरांत विभाग द्वारा किसी व्यवसाय में तो कई स्थानान्तरण कर दिए गए, जबकि कई व्यवसायों में स्थानान्तरण किए ही नहीं गए।
6.स्थानान्तरण प्रक्रिया का सही पालन न किए जाने के कारण सुगम से दुर्गम स्थानान्तरण न करते हुए कई व्यवसायों में सीधे अनुरोध के आधार पर अथवा दुर्गम से सुगम स्थानान्तरण कर दिए गए।
