बेटी का कातिल पैरोल पर छुटा तो खुद की मौत का रच दिया ड्रामा, मिस्त्री की हत्या कर खुद को कर रहा था मरा घोषित
बेटी की हत्या में जेल से पैरोल पर छुटे शातिर ने पुलिस और कोर्ट से छुटकारा पाने के लिए ऐसी साजिश रची कि उसकी बलि एक बेगुनाह को चढ़ा दिया। उसने एक मिस्त्री की हत्या की और फिर उसकी लाश को अपने नाम से प्रचारित करने का प्रयास किया।
बेटी की हत्या में जेल से पैरोल पर छुटे शातिर ने पुलिस और कोर्ट से छुटकारा पाने के लिए ऐसी साजिश रची कि उसकी बलि एक बेगुनाह को चढ़ा दिया। उसने एक मिस्त्री की हत्या की और फिर उसकी लाश को अपने नाम से प्रचारित करने का प्रयास किया। इस मामले में आरोपी के साथ ही उसकी पत्नी को भी पुलिस ने सहयोग देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।घटना उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर क्षेत्र की है। यहां 36 वर्षीय एक व्यक्ति को एक मिस्त्री की हत्या करने और उसकी लाश को अपने शव के रूप में दिखाने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। लोनी बॉर्डर पुलिस ने इस अपराध में साथ देने के लिए इस व्यक्ति की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है।
आरोपी दंपति की पहचान करावल नगर इलाके की शिव विहार कॉलोनी के सुदेश कुमार और उसकी पत्नी अनुपमा के तौर पर की गयी है। कुमार मार्च 2018 में अपनी नाबालिग बेटी की हत्या के संबंध में काफी समय तक जेल में रह चुका है। उसे एक नियम के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान पैरोल पर रिहा किया गया था। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने पत्रकारों को बताया कि पैरोल पर बाहर आने पर उसने हत्या के मामले में फिर से जेल जाने से बचने के लिए अपनी मौत दिखाने का फैसला किया।
इसके लिए उसने एक खौफनाक ड्रामा रचा और उसे अंजाम दिया। अपनी फर्जी मौत दिखाने के लिए कुमार ने एक मिस्त्री को काम पर रखा। बाद में उसकी हत्या करके उसका चेहरा जला दिया। उसकी जेब में अपना आधार कार्ड रख दिया। वह खुद गायब हो गया। आखिरकार पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश कर दिया। उसके साथ ही उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया।




