दो राज्यों से उठा पर्दा, गोवा और मणिपुर में सीएम की तस्वीर साफ, उत्तराखंड में संशय
चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में बीजेपी सरकार बनाने की कवायद में लगी हुई है। अब सूचना आ रही है कि गोवा और मणिपुर में मौजूदा मुख्यमंत्रियों को ही मौका दिया जा रहा है।
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब इन राज्यों में नई सरकार का शपथ लेने का सिलसिला आज से शुरू हो गया है। सबसे पहले पंजाब में भगवंत सिंह मान ने 17वें सीएम के तौर पर पद की शपथ ली। अन्य चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में बीजेपी सरकार बनाने की कवायद में लगी हुई है। अब सूचना आ रही है कि गोवा और मणिपुर में मौजूदा मुख्यमंत्रियों को ही मौका दिया जा रहा है। वहीं, यूपी में योगी आदित्यनाथ का सीएम बनना तय है। अभी उत्तराखंड को लेकर संशय बना हुआ है। यानी कि सीएम को लेकर अभी बीजेपी ने दो राज्यों का पर्दा उठाया है।गोवा में प्रमोद सावंत ही एक बार फिर से मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी ने उनकी अगुवाई में ही गोवा में विधानसभा चुनाव लड़ा था। मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद प्रमोद सावंत को प्रदेश की कमान सौंपी गई थीं। बीजेपी आलाकमान ने प्रमोद सावंत के नाम को हरी झंडी दे दी है। होली के बाद प्रमोद सावंत सीएम पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा मणिपुर में भी बीजेपी ने मौजूदा सीएम नोंगथोम्बम बीरेन सिंह को एक बार फिर से जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। उनके नाम पर भी बीजेपी आलाकमान ने मुहर लगा दी है।
पीएम मोदी और मणिपुर के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच मुलाकात के बाद पीएम ने कहा कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदारजीत पर उन्हें (एन बीरेन सिंह) बधाई दी है। हमारी पार्टी मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए और अधिक मेहनत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गोवा के कार्यवाहक सीएम प्रमोद सावंत और गोवा बीजेपी के नेताओं ने आज दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि- हमारी पार्टी गोवा के लोगों की आभारी है कि उन्होंने हमें फिर से राज्य की सेवा करने का जनादेश दिया। हम आने वाले समय में गोवा की प्रगति के लिए काम करते रहेंगे।
उत्तराखंड से नहीं उठा पर्दा
उत्तराखंड में सबसे बड़ा सवाल उत्तराखंड मुख्यमंत्री को लेकर है। बताया जा रहा है कि यह फैसला शीर्ष के दो-तीन नेताओं के बीच होना है। इससे पहले सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और नड्डा की बैठक हुई थी। उसमें कुछ सहमति बनी है। अंतिम फैसला आज बुधवार तक होना है।
वैसे अटकलों में पुष्कर सिंह धामी का नाम सबसे आगे है। धन सिंह रावत और सतपाल महाराज का नाम शुरू से ही नए मुखिया की रेस में है। लेकिन दिल्ली में धामी की सक्रियता अधिक देखी जा रही है। धामी का कमजोर पक्ष सिर्फ यही है कि उनके चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, लेकिन वह खुद अपनी सीट नहीं बचा पाए और चुनाव हार गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी के साथ हुई बैठक में भी धामी मौजूद थे। वह राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से भी मिले और उनके साथ अमित शाह के घर भी गए। कहा तो ये भी जा रहा है कि जब पूर्व में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत को हटाया गया था, तो उन्हें भी दिल्ली बुलाया गया था और उन्होंने भी सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। हालांकि मुख्यमंत्री बनाने की बात की जा रही है, तो विधायकों की ओर से बलूनी का नाम भी लिया जा रहा है। वहीं, चर्चा तो ये भी है कि बीजेपी पूर्व सीएम की बेटी रितु खंडूड़ी के नाम की घोषणा कर हर बार की तरह इस बार भी चौंका सकती है।




