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January 18, 2026

कोरोना की पसंदीदा जगह है फेफड़ा, डबल मास्किंग से 87 फीसद सुरक्षा, आ सकती है तीसरी लहर, विशेषज्ञों की ये सलाह

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एम्स ऋषिकेश लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहा है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एम्स ऋषिकेश लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहा है। इसके तहत आनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोरोनाकाल में युवाओं में उत्पन्न मनोविकृति व अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उचित समाधान के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत की देखरेख में संस्थान की ओर से सोशल आउटरीच सेल की ओर से कम्युनिटी एवं युवाओं के लिए बीती 26 अप्रैल को ऑनलाइन संवाद की सुविधा शुरू की गई थी। इसमें एम्स के विशेषज्ञों से जनमानस अपनी स्वास्थ्य समस्याओं पर परामर्श ले सकेंगे। विभाग के चिकित्सक डा. संतोष कुमार को इस ऑनलाइन प्लेटफार्म का नोडल अधिकारी बनाया गया है। बताया गया कि इसके तहत ऑनलाइन संवाद में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
गौरतलब है कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर में दिन-ब-दिन कोरोना ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। लिहाजा संवाद में हिस्सा लेने वाले लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से कई तरह के सवाल पूछे व अपनी समस्याओं का समाधान जाना।
कोरोना की सबसे पसंदीदा जगह है फेफड़ा
कोविड-19 कम्युनिटी संवाद के तहत युवाओं द्वारा किए गए सवालों के जवाब में एम्स के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राखी मिश्रा ने बताया कि कोविड -19 जो कि SARS-CoV-2 के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ही फेमिली का वायरस है। जो कि एयर बोरने इन्फेक्शन है और ड्रॉप्लेट्स के माध्यम से शरीर ने प्रवेश करता है और इसकी सबसे पसंदीदा जगह- फेफड़ा है। यह फेफड़ों में घुस कर अल्वेलोइ को नष्ट कर देता है और परिणामस्वरूप वायरस से ग्रसित व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। अल्विओली का कार्य ऑक्सीजन व कार्डबोन डाइऑक्साइड का एक्सचेंज करना है जिसके बाद ही पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचता है।
लक्षण को लेकर सवाल
संवाद में युवाओं ने उनसे सेकंड कोविड-19 वेव के लक्षणों को लेकर सवालात किए। उनका प्रश्न था कि किसी भी ग्रसित व्यक्ति को किस तरह से पता लगेगा कि यह सिम्पटम्स कोविड-19 के हैं या वायरल फीवर के। इसके जवाब में उन्हें बताया गया कि कोविड-19 के कॉमन सिम्पटम्स जैसे बुखार, सूखी खांसी, थकान, कंजंक्टिवाइटिस, बॉडीपेन, डायरिया, गंध व स्वाद का पता नहीं लगना और सिर दर्द रहना है। सीवियर कंडीशन में सांस लेने में दिक्कत और चेस्ट पेन होता है। ऐसे में यदि वायरल फीवर की शिकायत हो तो पीड़ित व्यक्ति को अधिकाधिक आराम लेना चाहिए। साथ ही पैरासिटामोल टेबलेट हर 6 घंटे के अंतराल पर व रात को सोने से पहले लेनी चाहिए। साथ ही सिट्रिजीने चिकित्सक के परामर्श से ले सकते हैं। यदि इसके बाद भी आराम नहीं मिले तो तत्काल आर.टी-पीसीआर टेस्ट करा लें। निगेटिव रिपोर्ट और लक्षण मौजूद, तो करें आइसोलेट
उन्होंने बताया कि यदि आपकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है और तब भी आपमें इसके लक्षण मौजूद हैं तो स्वयं को आइसोलेट कर लें। साथ ही डॉक्टर से परामर्श लेकर चेस्ट का सीटी-स्कैन करा सकते हैं, जिसमें कोविड-19 इन्फेक्शन का पता चल सकता है।
प्रतिरोधकता बढ़ाने को भोजन पर रखें ध्यान
इसके साथ ही अपनी इम्युनिटी को किस तरह से बढ़ाएं। इसके लिए सबसे जरूरी है भरपेट भोजन करें। जिसमें 7 कलर हों, इसे हम रेनबो फूड आइटम्स भी कह सकते हैं। इसमें दाल, चावल, रोटी, सब्ज़ी, पत्तेदार सब्जी, फ्रूट्स आदि आते हैं।
ये करें उपाय
इसके साथ ही कम से कम 2.5 लीटर पानी प्रतिदिन पीएं और दिन में फिजिकल एक्टिविटी में ब्रिस्क वॉक, योगाभ्यास, मेडिटेशन अथवा फ्री हैंड एक्सरसाइज करें और 8 घंटे की अच्छी नींद लें।
आ सकती है तीसरी लहर
क्या कोविड-19 की थर्ड वेब भी आ सकती है ? इसके जवाब में चिकित्सकों ने लोगों को बताया कि हां आ सकती है। यदि अभी भी हम सतर्क नहीं हुए तो थर्ड वेब निश्चिततौर पर आ सकती है। चिकित्सकों का मानना है कि हम कहीं न कहीं लापरवाह हो गए थे, तभी यह कोविड-19 की दूसरी लहर इस तरह के भयावह रूप में आई है। इसमें असंख्य लोग इसकी चपेट में आ गए। चिकित्सकों ने आगाह किया है कि हमें इस महामारी की रोकथाम के लिए अभी और सावधानी बरतनी होगी। लिहाजा यदि अमूल्य जीवन को बचाना है तो इसके लिए हमें कोविड-19 एप्रोप्रियेट बेहेवियर की गाइडलाइंस का शब्दश: पालन करना होगा। इसमें आवश्यकरूप से हैंड-वाशिंग, एक- दूसरे से न्यूनतम 6 फिट की दूरी और डबल मास्क जो कि पूरी तरह से मुंह और नाक को पूरी तरह से कवर करे।
डबल मास्क और सुरक्षित
उन्होंने यह भी बताया कि डबल मास्किंग से 87 फीसद इन्फेक्शन ट्रांसमीशन प्रिवेंट किया जा सकता है। जिसके तहत बताया जा रहा है कि सर्जिकल मास्क लगाएं और उसके ऊपर से फिर कपडे़ का मास्क पहना जा सकता है। कपड़े के मास्क को अच्छे से पानी और साबुन से धोकर ही दोबारा इस्तेमाल करें। बताया कि सर्जिकल मास्क 4-6 घंटे तक ही काम करते हैं अथवा उन्हें एक बार इस्तेमाल करके प्रोपेर्ली डिस्पोज करें।
समाधान और जानकारी के लिए यहां जुड़ें
बताया कि जो लोग कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त हैं और होम आइसोलेशन में हैं अथवा किसी व्यक्ति को कोविड -19 के विषय में विस्तृत जानकारी लेनी हो, तो वह गूगल मीट की लिंक से सीधे एम्स ऋषिकेश की कोविड-19 कम्युनिटी टास्क फोर्स से जुड़कर संस्थान के विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं का समाधान पा सकता है। इसका दिन व समय निम्न प्रकार है।
1. प्रत्येक सोमवार और मंगलवार- सांय 3-4 PM कम्युनिटी के लिए।
2.प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार- सांय 3-4 PM कॉलेज / यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स और स्कूल स्टूडेंट्स के लिए निर्धारित किए गए हैं।
3. अपने प्रश्नों के लिए कृपया दिए गए लिंक पर पंजीकरण करें – https://forms.gle/gKNeqdcfPuE1VMVs8 4. गूगल मीट के लिए लिंक को क्लिक करें – meet.google.com/aew-kzyw-fgz

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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