कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा आज से, पूर्व सीएम हरीश रावत ने जताई तेजाब हमले की आशंका
कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा आज से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में खटीमा से शुरू होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परिवर्तन यात्रा में तेजाब से हमले की आशंका जताई है।
उत्तराखंड में आगामी चुनावी बिगुल बजा रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा आज से उधमसिंह नगर के खटीमा में शहीद स्थल से आरंभ होगी। खटीमा में एक सितंबर 1994 में राज्य आंदोलनकारियों के जुलूस पर पुलिस बर्बरता के दौरान चली गोलियों से आठ आंदोलनकारी शहीद हुए थे। इसके अगले दिन ही मसूरी में दो सितंबर को भी आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गई और वहां सात लोग शहीद हुए। यहां से आज कांग्रेस परिवर्तन यात्रा के जरिये बदलाव का संदेश देने की कोशिश करेगी। खटीमा स्थित शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देने के बाद रामलीला मैदान में जनसभा होगी। इसमें कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के अलावा चार कार्यकारी अध्यक्ष व अन्य दिग्गज भी कार्यकर्ताओं में जोश भरते नजर आएंगे। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परिवर्तन यात्रा में तेजाब से हमले की आशंका जताई है।हरीश रावत ने सोशल मीडिया में इस संबंध में पोस्ट डालकर सभी को सचेत किया है। उन्होंने लिखा कि- अभी-अभी मुझे दो सूत्रों से सूचना मिली है, जो चिंताजनक है। राजनीति में प्रतिद्वंद्विता हो, स्वस्थ प्रतिद्वंद्विता हो, वैचारिक प्रतिद्वंद्विता हो, कर्म करने की प्रतिद्वंद्विता हो। मगर यदि आप अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वी के ऊपर छात्रों को उकसा करके या कुछ लोगों को मोटिवेट करके, उनके जरिये स्याही में तेजाब मिलाकर कांग्रेस के नेताओं की यात्रा में किसी एक व्यक्ति को चिह्नित करके फेंकना चाहेंगे तो ये उत्तराखंड की राजनीति के लिए कलंक पूर्ण अध्याय होगा। और यदि ऐसा होता है तो उस राजनैतिक दल का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि कौन राजनैतिक दल है।
हरीश रावत ने आगे लिखा कि- तो इसलिए सूचना मिलते ही मैं इसको सभी जिसमें प्रशासनिक एजेंसीज भी सम्मिलित हैं, पुलिस भी सम्मिलित है और राजनैतिक दल भी सम्मिलित हैं, उनके साथ साझा कर रहा हूं। मेरी माँ पूर्णागिरि से प्रार्थना है कि ऐसा न हो, यह एक केवल आशंका मात्र हो। उसके आधार पर यह सूचना मुझ तक पहुंची हो, मगर यदि ऐसा कोई प्रयास होता है तो यह उत्तराखंड की राजनीति का बड़ा ही दुखद अध्याय होगा। एक बड़ा ही निंदनीय प्रयास होगा।




