पीएम मोदी के धन्यवाद प्रस्ताव पर कांग्रेस का वार, कहा-खूब फैलाया गया प्रोपेगंडा, पढ़िए क्या बोले पीएम
संसद के चालू बजट सत्र में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कोरोनाकाल के दौरान लोगों के पलायन को आने को लेकर कांग्रेस पर ही आरोप लगा दिए। कहा कि कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र छोड़ने के लिए उकसाया। विशेषज्ञों ने कहा कि तुम जहां हो वहीं रहो, तब कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को लौटने के लिए प्रोत्साहित किया और पहली लहर के दौरान उन्हें मुफ्त टिकट दिया। कोरोनावायरस एक वैश्विक महामारी है, लेकिन कुछ ने राजनीतिक लाभ के लिए इसका दुरुपयोग भी किया। वहीं अब कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी के भाषण को लेकर उन पर और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।प्रधानमंत्री मोदी की ओर से कोरोना की कोरोना की पहली लहर के दौरान मुंबई में कांग्रेस की ओर से रेलवे टिकट बांटे जाने वाले बयान पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले ही कहा था कि अंतराष्ट्रीय उड़ानें बंद कर देनी चाहिए ताकि मामले ना बढें। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। हमने 106 ट्रेनों से लोगों को भेजा। सरकार ने जब कहा कि वो 75 फीसदी किराया माफ कर रहे हैं तो हमने बाकी 25 फीसदी रकम भरने का काम किया। उनके खाने पीने का इंतज़ाम किया। गलत नीतियों के वजह से लोग जाने को मजबूर हुए। मुंबई में मृतकों के शव को उनके घर तक पहुंचाया गया था। उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे वो शव थे। जनता को सबकुछ याद है।
आज सदन में खूब “प्रोपोगंडा” – भारत सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था है।
हक़ीकत-
• भारत में मुट्ठी भर अमीरों की ग़ुलाम सरकार है,• अमीरी और ग़रीबी में विभाजित अर्थव्यवस्था है,
• 142 अमीरों की सम्पति ₹23,14,000 CR से बढ़ ₹53,16,000 हो गई और 54% घरों की आय टूट गई।
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) February 7, 2022
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया और लिखा कि आज सदन में खूब “प्रोपेगंडा” फैलाया गया कि भारत सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था है। हक़ीकत में भारत में मुट्ठी भर अमीरों की ग़ुलाम सरकार है। अमीरी और ग़रीबी में अर्थव्यवस्था विभाजित है। 142 अमीरों की सम्पति 2314000 करोड़ से बढ़ कर 53,16,000 करोड़ रुपये हो गई और 54 फीसद घरों की आय खत्म हो गई। लॉकडाउन लगा, मज़दूरों व उनके परिवारों को बेहाली के भंवर में धकेलने वाले ‘माफ़ी मांगने’ की बजाय मदद के लिए जुटे ‘हाथ’ पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। सरकार के इस रवैये के कारण लाखों लोगों ने अपनों को खो दिया। आज सदन से साफ़ संदेश आया है। हम एक भी चुनाव हार जाएं तो ही पूरा ‘ईको सिस्टम’ काम करता।
उन्होंने कहा कि मतलब साफ़ है। भयंकर बेरोजगारी, बेतहाशा महंगाई, घटती आमदनी और बेतहाशा ग़रीबी से राहत चाहिए तो इन्हें चुनाव में हराना होगा। तो ही ईको सिस्टम काम करेगा। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि इस सदी का सबसे बड़ा पाप PM मोदी ने किया। अचानक लोगों के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी। उन लोगों का नहीं सोचा जो रोज़ कमाने और खाने वाले हैं। आज आपने हमारी तारीफ़ की। हां हमने उनकी मदद की।
उधर, टीएमसी के शताब्दी राय ने कहा कि मोदी जी केवल कांग्रेस को ही गाली देते हैं। बाकी मूद्दे पर कुछ नहीं बोले। देश का हाल नहीं बताया। नौकरी के बारे में नहीं। दो घंटे में डेढ़ घंटे केवल कांग्रेस पर बोले।
पीएम मोदी का भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के चालू बजट सत्र में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कांग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर तक बता डाला। दरअसल, संसद का 2022 का बजट सत्र 31 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी से 11 फरवरी तक और दूसरा भाग 14 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा।
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमृत काल तक भारत के विकास में सक्रिय योगदान का समय है। आइए, नया संकल्प लें और अपने पिछले अंतराल को पाटने और देश के विकास के लिए काम करने के लिए एक बनें। मैं हैरान हूं कि कांग्रेस कर्तव्य की बात से बौखला गई है। आप कहते रहते हैं कि ‘मोदीजी नेहरूजी का नाम नहीं लेते। कर्तव्यों पर, पंडित नेहरू ने कहा-मैं आपको बताना चाहता हूं। यह एक स्वतंत्र भारत है। हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है। यह देश एक और सर्वश्रेष्ठ है और इसी विश्वास के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने देश छोड़ दिया है, लेकिन फूट डालो और राज करो का विचार कांग्रेस के डीएनए में है। यही कारण है कि वे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ की लीडर बन गई है। जब सीडीएस रावत की मृत्यु हुई, लाखों तमिल कतार में प्रतीक्षा में कर रहे थे और जब उनका शरीर गुजरा, तो तमिलों को ‘वीरी वडक्कम’ कहते हुए सुना गया। यह मेरा देश है। बंगाली, मराठी, तमिल, आंध्र, उड़िया, असमिया, मलयाली, सिंधी, पंजाबी, कन्नड़ और हिंदुस्तानी ने सैकड़ों वर्षों से अपनी अलग पहचान बनाई है। यह पंडित नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया में है। सदन का अपमान किया गया कि राष्ट्र शब्द हमारे संविधान में नहीं आता। राष्ट्र शासन या सरकार की व्यवस्था नहीं है। यह हमारे लिए एक जीवित आत्मा है. हजारों सालों से लोग इससे जुड़े हैं।
महंगाई पर पीएम ने कहा कि पंडित जी ने लाल क़िले से क्या कहा था। कभी कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभाव करती है, जिसके कारण वस्तु की कीमत बढ़ जाती है और यह हमारे नियंत्रण से बहार चला जाता है। आगे कहते हैं कि अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो इसका असर महंगाई पर पड़ता है। अगर वह अभी यहां होते तो पार्टी महंगाई के लिए महामारी को जिम्मेदार ठहराती, लेकिन हम इससे निपट रहे हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री ने मंहगाई के आगे हार मान ली थी।
उन्होंने कहा कि महामारी के बावजूद इंफ्लेशन दर 5.2% थी और खाद्य इंफ्लेशन लगभग 3% थी। हमने सुनिश्चित किया कि महामारी के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान न छूएं। यूपीए सरकार के दौरान महंगाई दोगुने अंकों में थी। पी चिदंबरम, जो अब कॉलम लिखते हैं, ने 2012 में कहा था कि लोग पानी की बोतलों और बिस्कुट की कीमतों से सहमत हैं, लेकिन अनाज की कीमत में 1 रुपये की भी बढ़ोतरी पंसद नहीं करते।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें जो 50 साल चलती थीं, नए उपकरण की प्रक्रिया सालों चलती थीं और अंतिम निर्णय के दौरान वह पुरानी हो जाती थी। हमने इस प्रक्रिया को सरल बनाया है। रक्षा क्षेत्र के सभी लंबित मुद्दे, हमने हल करने का प्रयास किया। पहले हम रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों को देखते थे, स्पेयर पार्ट्स के लिए भी हम दूसरे देशों पर निर्भर थे। देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मानिर्भर होना राष्ट्रीय सेवा है।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ का मतलब है कोई कमीशन नहीं, कोई भ्रष्टाचार नहीं, इसलिए विपक्ष इसे निशाना बना रहा है। आज पंचिंग बैग बदल गया है, लेकिन इरादा अब भी वही है। कांग्रेस के पास ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि उद्यमी कोरोना वायरस का ही एक रूप हैं। कुछ लोग मोदी मोदी मोदी कहते रहते हैं। आप मोदी के बिना एक मिनट भी नहीं बिता सकते।




