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July 13, 2026

उत्तराखंड में कांग्रेस निकालेगी छह जनाक्रोश रैलियां, सरकार पर उपनल कर्मयों को धमकाने का आरोप

उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ हमलों को और तेज करेगी। इसके तहत प्रदेश भर में छह जनाक्रोश रैलियां निकाली जा रही है।

उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ हमलों को और तेज करेगी। इसके तहत प्रदेश भर में छह जनाक्रोश रैलियां निकाली जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि जनता पिछले चार वर्षों में वर्तमान भाजापा सरकार की जनविरोधी नीतियों, कमर तोड़ महंगाई, चरम पर पहुंची बेरोजगारी, ठप्प पड़े विकास, परेशान किसान से अजीज आ चुकी है। सरकार के खिलाफ भारी आक्रोशित है। जनता के इस आक्रोश को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आगामी दिनों में प्रदेश भर में छह बड़ी जन आक्रोश रैलियां करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश मुख्यालय में प्रेस से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अगुवाई में तीन जनाक्रोश रैलियां गढ़वाल मंडल में व तीन कुमाऊं मंडल में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि आगामी 14 मार्च को श्रीनगर गढ़वाल से जनाक्रोश रैलियों का श्री गणेश किया जाएगा। 25 मार्च को हल्द्वानी में रैली होगी।
धस्माना ने बताया कि उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रुद्रपुर व देहरादून में होने वाली रैलियों की तिथि शीघ्र घोषित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जनाक्रोश रैलियों में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर इंदिरा हृदयेश, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत राज्य के सभी वरिष्ठ नेता भागीदारी करेंगे।

उपनल कर्मियों को धमका रही राज्य सरकार
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों के द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देते हुए आंदोलनरत कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की किसी भी कार्यवाही का कांग्रेस डट कर विरोध करेगी। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उपनल कर्मचारी अपनी उन जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं जिन मांगों को माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने भी उचित मानते हुए नवम्बर 2018 को राज्य की सरकार को निर्देशित किया था, किंतु बजाय माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करने के राज्य की सरकार एसएलपी में सुप्रीम कोर्ट चली गयी व अब केस की पैरवी भी नहीं कर रही और ना कर्मचारियों की मांगों को मान रही। धस्माना ने कहा कि राज्य सरकार एक तरफ कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को नहीं मान रही दूसरी तरफ आंदोलन करने पर नौकरी समाप्त करने की धमकी दे रही है।