अमर जवान ज्योति को लेकर कांग्रेस ने किया बीजेपी सरकार पर कड़ा हमला, कहा-समझिए क्रोनोलॉजी
इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति को हटाकर वार मेमोरियल में शिफ्ट करने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति को हटाकर वार मेमोरियल में शिफ्ट करने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ के साथ ही कांग्रेस के प्रदेश सैनिक प्रकोष्ठ के कैप्टन बलवीर सिंह रावत और सोशल मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर देश की धरोहरों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया।प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा िक अमर जवान ज्योति पिछले 50 सालों से अनवरत जल रही है। ये हमारे शौर्य, साहस, बलिदान एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। आज उसे बुझाया जा रहा है। इंडिया गेट पर 50 वर्षों से स्थापित अमर ज्योति का नया पता अब वॉर मेमोरियल होगा।
उन्होंने कहा कि जब किसी राजा के महल के निर्माण के लिए शहीदों के बलिदान और शौर्य के प्रतीकात्मक स्थान को बदल दिया जाय और अनवरत जलने वाली लौ को बुझा दी जाए, तो ये न सिर्फ उस राजा के मनमानी की कहानी कहती है, बल्कि शहीदों के प्रति उसके दिल में कितना सम्मान है, ये भी बखूबी बताती है। अब आप वीर जवानों के शौर्य, बलिदान व देश के धरोहरों को खत्म करने की क्रोनोलॉजी समझिए। पहले जालियावाला बाग में लेजर शो करवा कर वहां सैकड़ों शहीदों का अपमान किया गया। फिर गांधी जी का देश के प्रति त्याग व सपर्मण को कम करके दिखाने के लिए अहमदाबाद के गांधी आश्रम जैसी पुरानी धरोहर को भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है। क्या इस अमर जवान ज्योति को विस्थापित करने का उद्देश्य सिर्फ सेंट्रल विस्टा (मोदी महल ) का निर्माण करना है?
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसान बिल से पहले भाजपा सरकार ने किसानों से सलाह लेना जरूरी नहीं समझा, ठीक उसी प्रकार इतने बड़े निर्णय से पहले एक बार भी शहीदों के परिजनों से विचार करना जरूरी नहीं समझा। भारतीय सेना की शौर्य, बलिदान एवं अदम्य साहस का अपमान क्यों?
उन्होंने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य, बलिदान के प्रतीक स्वरूप इस अमर जवान ज्योति को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वीर शहीद भारतीय सैनिकों के सम्मान में स्थापित किया था। अमर जवान ज्योति की ज्योत हिंदुस्तान में करोड़ों देशभक्तों के लिए मंदिर की ज्योति की तरह है। ये बलिदानियों का मंदिर है, जिस तरह मंदिर की ज्योत को विस्थापित नहीं किया जा सकता, उसी प्रकार अमर जवान ज्योति का विस्थापन भी संभव नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या हिंदुस्तान की सरकार हमारे देश के शौर्य, बलिदान, त्याग, तपस्या, वीरता के लिए दो जगहों पर ज्योति नहीं जलवा सकती? मौजूदा भाजपा सरकार ने 16 दिसंबर 2021 को विजय दिवस के सरकारी कार्यक्रम में 1971 के भारत-पाक युद्ध के ऐतिहासिक विजय के वक्त भारत का नेतृत्व करने वाली इंदिरा गांधी का नाम भी हटा दिया। आप ज्योति तो बुझा दोगे, लेकिन करोड़ों भारतीयों के दिल में श्रीमती इंदिरा गांधी व भारतीय सेना के प्रति आदर, सम्मान, समपर्ण की लौ को कैसे बुझाओगे?

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






