Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 16, 2026

सीएम धामी बोले- चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें, दिए सेफ्टी ऑडिट के निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत है। उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंड साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव श्रीमती तृप्ति भट्ट उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सेफ्टी ऑडिट के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जाए।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।