हरेला पर्व में सीएम और आंदोलनकारियों ने किया पौधरोपण, धाद ने मनाया हरेला घी संग्रांद, यूकोस्ट ने कराई प्रतियोगिता
उत्तराखंड में हरियाली का पर्व हरेला धूमधाम, हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कुमाऊं में घरों और मंदिरों में पूजन किया गया। वहीं प्रदेश भर में आज के दिन पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। धाद संस्था ने हरेला घी संग्रांद मनाया। यूकोस्ट में डीएवी पीजी कालेज में छात्रों की प्रतियोगिता आयोजित की। सीएम पुष्कर सिंह धामी, राज्य आंदोलनकारी सहित विभिन्न संगठनों ने पौधरोपण किया और अपने अपने तरीके से इस त्योहार को मनाया।
एमडीडीए सिटी पार्क में किया वृक्षारोपण
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट एमडीडीए सिटी पार्क में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला सम्पन्नता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण का कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक ही सीमित न रहे। इसे जन -जन का कार्यक्रम बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से भेंट के लिए लोग बुके न दें। बुके की जगह पर पौधा भेंट करें। प्रदेश में व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने के लिए हरेला पर्व पर हमें संकल्प लेना है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार की ओर से विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड का संतुलित विकास हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य आत्म संतुष्टि के लिए भी होने चाहिए। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आज सबके सामने है। प्रकृति अनेक रूपों में बदला जरूर लेती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती लोगों की आस्था का केंद्र है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक ज्योत्सना सिथलिंग, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, एमडीडीए के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जौलीग्रांट में भी किया पौधरोपण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर एसडीआरएफ बटालियन, जौलीग्रांट में भी पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोक पर्व है। हमें व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। विज्ञान तेजी से तरक्की कर रहा है। इससे मानव जीवन में सुख सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण जरुरी है।
स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की ओर से उत्तराखंड में सराहनीय कार्य कार्य किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस द्वारा प्रदेश में एक लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया था। 5 जून से अभी तक पुलिस की ओर से 90 हजार से अधिक पौध रोपित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पीवीके प्रसाद, अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रणजीत सिंह वर्मा की याद में कैरकुली के किया पौधरोपण
पूर्व विधायक एवं उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष स्व. रणजीत सिंह वर्मा के 87वें जन्म दिन की पूर्व संध्या पर प्रकृति को समर्पित उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला पर्व मनाया गया। उनकी याद में समाज सेवी एवं राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह खत्री के नेतृत्व में कैरकुली के ग्रामीणों ने नाग मंदिर मसूरी रोड़ पौधरोपण किया। साथ ही इस मौके पर कोरोना महामारी से बचाव के लिए एम्युनिटी बूस्टर होम्योपैथिक दवाईयां एवं मास्क व सैनेटाईजर का वितरण किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने स्व रणजीत सिंह वर्मा की ओर से किये गये कार्यों को याद करते हुए मोहन खत्री ने कहा कि उन्होंने दो बार निर्दलीय विधायक के रूप में देहरादून को अपनी सेवायें दी। समाज की निःस्वार्थ सेवा करते हुए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। राज्य निर्माण में उनकी अग्रणी भूमिका रही। इसके लिए वे सदैव याद किये जायेंगे। इस अवसर पर राकेश पण्डित, सौरभ दीक्षित, अमन सिह, प्रेम सिह, होशियार सिंह थापली, ममता खत्री, चन्दन सिंह, लीला दवी, राशि देवी, गीता देवी, दषा देवी, बब्ली, ष्याम देई आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
कॉलेज में किया पौधरोपण
हरेला पर्व के अवसर पर एक पर्यावरणीय आंदोलन, पीपल लगाओ मिशन के तहत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में प्राचार्य प्रो. पुष्पा नेगी के संरक्षण में पीपल के वृक्षों की पौध का रोपण किया गया। इस अवसर स्यालसोड़ (चन्द्रपुरी) सहित विभिन्न स्थानों पर पीपल की पौधों को रोपा गया। पीपल के महत्व को बताते हुए प्रो. पुष्पा नेगी ने कहा कि पीपल एक बहुउपयोगी वृक्ष है। इसका रोपण प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अवश्य करना चाहिए। डॉ दलीप सिंह बिष्ट यादें नाम से पीपल लगाओ अभियान को पिछले 6-7 वर्षों से चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण दिवस या हरेला पर्व का ही इंतजार नही करना चाहिए, बल्कि जब भी अनुकूल समय मिले पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। इस मौके पर सुधीर बर्थवाल, किसन नेगी आदि उपस्थित रहे। साथ ही महाविद्यालय परिसर की साफ सफाई भी की गई।
सुंदर लाल बहुगुणा समेत पांच हस्तियों की स्मृति में पौधे रोपे
उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला घी संग्रांद के अवसर पर शुक्रवार को धाद की ओर से मालदेवता स्थित स्मृति वन में प्रख्यात पर्यावरणविद स्व. सुंदर लाल बहुगुणा, साहित्यकार लालबहादुर वर्मा, मथुरादत्त मठपाल, प्रेमलाल भट्ट के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह महर की याद में पौधे रोपे गए। धाद के अध्यक्ष लोकेश नवानी और महासचिव तन्मय ममगाईं ने लोगों से हिमालयी अन्न का आधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान किया ताकि पहाड़ से हो रहे पलायन को रोका जा सके और उत्तराखंड की धरती को हरा-भरा बनाया जा सके।
स्मृति वन की संयोजक शोभा रतूड़ी ने सभी लोगों से अपने स्वजनों और रिश्तेदारों के निमित्त पौधा लगाने की अपील की। ताकि छायादार और फलदार पेड़ के रूप में उनकी स्मृति चिरस्थायी बनी रह सके। मंजू काला ने पहाड़ी भोजन पर विस्तार से चर्चा की। फंची के संयोजक किशन सिंह ने पहाड़ी अन्न की खरीद के लिए लोगों को प्रेरित किया। एक कोना कक्षा कार्यक्रम के संयोजक गणेश उनियाल ने हरेला स्कूल पुरस्कार योजना के बारे में बताया।
इसके तहत पांच विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अच्छा काम करने के लिए 21-21 सौ रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले प्रख्यात लोकगायिका माधुरी बड्थवाल और रेखा उनियाल ने मांगल गायन से कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर धाद साहित्य एकांश की संयोजक डा. विद्या सिंह, कल्पना बहुगुणा, शांतिप्रकाश जिज्ञासू, विकास बहुगुणा, प्रोफेसर एमसी सती, सुमति बडोनी, राजेश्वरी सेमवाल आदि मौजूद थे। संचालन रविंद्र ने किया, जबकि कार्यक्रम का लाइव प्रसारण विनोद जी ने किया।
डीएवी कॉलेज में प्रतियोगिता आयोजित
डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में आज हरेला पर्व पर उत्तराखंड काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकोस्ट) द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इसमें सीमित संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी ( यूकॉस्ट ) के महानिदेशक डॉ, राजेंद्र डोभाल ने कहा कि प्रकृति में पाया जाने वाला हर वृक्ष मानव कल्याण के लिए है। उन्होंने हरेला पर्व के महत्व को बताते हुए यह भी कहा प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता में प्रथम निधि रावत, द्वितीय देवांश, तृतीय स्थान पर सचिन चौहान रहे। स्लोगन प्रतियोगिता में खुशी सिंह प्रथम, ऋचा द्वितीय, मिनाक्षी रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में पुनेन्द्र सिंह पहले सारिका दूसरे व श्रद्धा वैष्णव ने तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया। निर्णायकों में डॉ अशोक श्रीवास्तव, डॉ एस के सिंह और डॉ. शिखा नगलिया शर्मा शामिल रहे।
प्राचार्य अजय सक्सेना ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हरेला भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है। डॉ अजय सक्सेना, डॉ प्रशांत सिंह आदि ने कॉलेज मे पौधरोपण किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रशांत सिंह ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा की इस प्रकार से आयोजन से विद्यार्थियों मे मनोबल और आत्म सम्मान बढ़ता है। कार्यक्रम मे मुख्य नियंता मेजर अतुल सिंह, डॉ ओनीमा शर्मा, डॉ अर्चना पाल, डॉ हरिओम शंकर आदि उपस्थित रहे।




