चार श्रम सहिताओं के खिलाफ सीटू ने दिया हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन
सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) की देहरादून जिला कमेटी ने चार श्रम सहिताओं को रद्द करने की मांग को लेकर हरिद्वार लोकसभा से बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन दिया। सीटू ने इन संहिताओं को मजदूर विरोधी करार दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सीटू की जिला कमेटी देहरादून के सदस्य उनके पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के डिफेन्स कॉलोनी स्थित आवास पर गए और उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, सचिव लेखराज ने कहा कि 44 श्रम कानूनों में से प्रभावशाली 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी चार श्रम सहिताएं लागू की गई है। इसकी अधिसूचना 21 नवंबर 2025 को जारी की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि ग्रेजुएटी अधिनियम को फिक्स टर्म इमलोमेंट के तहत समाप्त ही कर दिया गया। वहीं, यूनियन बनाना और अधिक कठिन किया गया है। इससे मजदूरों का शोषण और अधिक बढ़ जायेगा। वहीं, आईडी एक्ट को भी समाप्त कर दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण अधिनियमों को समाप्त कर दिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि इन श्रम कानूनों के समाप्त होने से मजदूर गुलामी का जीवन जीने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर माननीय सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से आश्वास्त किया कि वे हमारी बातो को सरकार के समक्ष रखेंगे। इस अवसर पर सीटू के जिला अध्यक्ष एसएस नेगी, उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, कृष्ण गुनियाल, दीपक शर्मा सचिव अभिषेक भंडारी, प्रेमा, सुनीता चौहान, सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, जितेंद्र बिजलवाण, नितिन बोठियाल, मोहम्मद साहिल आदि उपस्थित थे।
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