सीटू ने महान क्रान्तिकारी लेनिन को 97 पुण्यतिथि पर किया याद

सैन्टर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने आज कामरेड लेनिन की 97 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धान्जलि दी । उनके मेहनतकश वर्ग के लिए किये गये अविस्मरणीय योगदान को याद किया। देहरादून में सीटू कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कामरेड लेनिन के नेतृत्व में सर्वप्रथम रूस में वर्ष 1917 में क्रान्ति हुई तथा समाजवादी व्यवस्था की नीव पड़ी। इसप्रकार मार्क्स ने जिस मेहनतकश वर्ग की सत्ता की कल्पना की थी, उसे लेनिन से साकार किया तथा विश्व में एक नई व्यवस्था अस्तित्व में आई। इसने करोड़ करोड़ मेहनतकश वर्ग में ऊर्जा एवं आशा का संचार हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि रूसी क्रान्ति के बाद लेनिन के नेतृत्व में इर्दगिर्द के राष्ट्रों की एकत्रीकरण कर वर्ष 1921 तक विशाल सोवियत संघ की स्थापना की। इस प्रकार समाजवादी सोवियत संघ के कारण विश्व का संतुलन बना। समाजवादी व्यवस्था के मजबूती के चलते दुनियाभर के उपनिशेषवादी देश मुक्त हुए। सोवियत व्यवस्था के परिणामस्वरूप हमारे देश औधोगिकरण तथा सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का विकास हुआ तथा देश ने प्रगति का मार्ग अपनाया। कामरेड लेनिन का महत्त्वपूर्ण योगदान हमेशा याद किया जाऐगा।
इस अवसर पर लेखराज, अनन्त आकाश, रविन्द्र नौडियाल, इन्देश नौटियाल, मामचंद, विनोद कुमार, दीपक कुमार, पदमसिंह, दिनेश कुमार, नरेन्द्र , अजय, चन्द्र किशोर, राजेश, सतपाल पेटवाल आदि मौजूद थे।



