चंपावत उपचुनावः सीएम धामी की ऐतिहासिक जीत, नाममात्र वोट पर अटक गए सारे प्रतिद्वंद्वी
चंपावत उपचुनाव में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 13 राउंड की अंतिम दौर की मतगणना के बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उनके तीन प्रतिद्वंद्वियों को नाम मात्र के ही वोट मिले हैं। यानि कि उत्तराखंड के चंपावत जिले में चंपावत विधानसभा की जनता ने सीएम धामी पर ही विश्वास जताया है। हालांकि अधिकतर उपचुनावों में उसी पार्टी के प्रत्याशी की जीत होती है, जिसकी प्रदेश में सरकार हो। ऐसे में यदि सीएम ही खुद चुनाव लड़ रहे हों तो जनता ने उन्हें ही पूरा समर्थन दिया।उपचुनाव के लिए मतगणना सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच जिला मुख्यालय के गौरलचौड़ मैदान स्थित वन पंचायत भवन सभागार में जारी है। सीएम धामी ने चंपावत उपचुनाव में 55 हजार से अधिक मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। बंपर वोटों से चुनाव जीते धामी के सामने सबकी जमानत जब्त हो गई है। सीएम धामी ने 55025 मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। चुनाव में ईवीएम से 62898 मत और पोस्टल बैलेट से 1303 वोट पड़े थे। उपचुनाव में 61595 लोगों ने मतदान किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी को 58258, कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी को 3233 मत मिले।
सीएम धामी ने जताया जनता का आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत उप चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर उत्तराखण्ड की जनता विशेष रूप से चम्पावत की जनता का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं उत्तराखंड की महान जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। ये उसी जनता की जीत है जिसने मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को अपने सर माथे पर बिठाया है। ये आपके भरोसे की जीत है। ये जीत मुझे उत्तराखंड की जनता की सेवा में प्राणपण से जुटे रहने का आदेश दे रही है। इस मौके पर मैं अपने यशस्वी प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिनके सतत मार्गदर्शन ने मुझे इस लायक बनाया कि आज मैं उत्तराखंड की जनता के स्नेह और आशीर्वाद का पात्र हूं। प्रधानमंत्री मोदी की सेवा, साधना और तपस्या हम सभी के लिए आदर्श का एक मानक बन चुकी है। ये एक ऐसा मानक है जिसकी ओर बढ़ते हुए हम खुद को निखारते जाते हैं, जन सेवा की राह में स्वयं को मांजते जाते हैं।
उन्होंने कहा कि चंपावत विधानसभा का ये उपचुनाव केवल जीत हार की लड़ाई नहीं थी। इस उपचुनाव की ओट में उत्तराखंड को सजाने, संवारने और प्रगति का स्वर्णिम अध्याय रचने के स्वप्न भी छिपे हुए थे। ये 55025 वोटों की ऐतिहासिक जीत इन्हीं सपनो को पूरा करने के संकल्प की प्रतिध्वनि है। हमने प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से उत्तराखंड की जनता के जीवन को सुखमय बनाने का यज्ञ शुरू किया है। ये जीत इस यज्ञ की पूर्णता की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम साबित होगी।
उन्होंने कहा कि मैं अपने चंपावत के लोगों को भी यकीन दिलाता हूं कि उनकी हर पुकार, हर आग्रह, हर आदेश पर मैं स्वयं सेवा में हाज़िर रहूंगा। मैं इस प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं। मेरे जीवन का मकसद ही इस प्रदेश की सेवा है। पर एक जनप्रतिनिधि होने के नाते चंपावत के प्रति मेरे कुछ विशिष्ट उत्तरदायित्व भी हैं। मैं पूरे मनोयोग और समर्पण से उन उत्तरदायित्वों की सिद्धि की कोशिश करूंगा। चंपावत की जनता ने विरोधियों के जिस छ्द्य जाल को अपनी दूरदर्शी आंखों से भेदकर मुझे ये जीत दिलाई है, उनके प्रति मेरे हृदय में सदैव के लिए विशेष आभार है। एक बार फिर से उत्तराखंड की इस महान जनता को मेरा सादर प्रणाम और अभिवादन।
पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ ने ट्विट कर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी को रिकार्ड जीत पर बधाी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि राज्य के विकास में धामी कड़ी मेहनत करेंगे। मैं चंपावत के लोगों को भाजपा में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद देता हूं और हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं। वहीं, योगी आदित्यनाथ ने ट्विट किया कि देवभूमि के यशस्वी मुख्यममंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को चंपावत विधानसभा के उपचुनाव में ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने की हार्दिक बधाई। साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि-ये विजय आदरणीय प्रधानमंत्री जी की लोक कल्याणकारी नीतियों, आपके विकासपरक नेतृत्व और भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम को समर्पित है।
इसलिए हुआ उपचुनाव
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के चेहरे को लेकर चुनाव लड़ा था। धामी खटीमा से दो बार के विधायक रहे, लेकिन मार्च माह में हुए राज्य के चुनाव में वह चुनाव हार गए थे। हालांकि उनके नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में बीजेपी को सफलता मिली और 70 में से 47 सीटें बीजेपी ने हासिल कर सरकार बनाई। पार्टी नेतृत्व ने भी धामी पर ही विश्वास जताया और उन्हें ही सीएम बनाया। उनके लिए कैलाश गहतोड़ी ने चंपावत विधायक पद से इस्तीफा दिया और इस सीट को खाली कर दिया।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






