केंद्र सरकार ने कंपनियों को दिए निर्देश, एक सप्ताह में खाद्य तेलों के दाम 10 रुपये तक घटाएं
खाद्य तेलों की महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कंपनियों से कीमतों में दस रुपये प्रति लीटर तक की कंपनी लाने का निर्देश दिया गया है।
खाद्य तेलों की महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कंपनियों से कीमतों में दस रुपये प्रति लीटर तक की कंपनी लाने का निर्देश दिया गया है। खाद्य सचिव ने सुधांशू पांडेय ने बुधवार को हुई अहम बैठक के बाद ये जानकारी दी है। पांडेय ने ये भी बताया कि कंपनियों के एक ही ब्रांड के खाद्य तेल की एमआरपी पूरे देश में एक जैसी ही रखने की हिदायत दी गई है।खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेल कंपनियों से खुदरा दामों में कमी लाने को लेकर बुधवार को एक बैठक की थी। दुनिया भर में खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद देश में इसके दामों में कमी नहीं की गई है। ऐसे में ऊंचे दामों को लेकर ये बैठक बुलाई गई थी। सरकार ने तेल कंपनियों से कहा है कि वो वैश्विक स्तर पर दामों में आई कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाएं।
सॉल्वेंट एसोसिएशन ऑफ इंडियाज एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीवी मेहता ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर दाम में प्रति टन 300-400 डॉलर की कमी आई है।घरेलू बाजार में इसका प्रभाव देखने में करीब एक महीने लगेगा। आने वाले दिनों में भारत में भी खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।
इससे पहले 22 जून को पांडेय ने कहा था कि खाद्य तेल बाजार में नरमी आना शुरू हो गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दामों में कमी और सरकार के समय रहते हस्तक्षेप के कारण रिटेल बाजार में ऐसा हुआ है। हालांकि पिछले महीने कई खाद्य तेल कंपनियों ने कीमतों में 10-15 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। भारत हर साल अपनी खाद्य तेल की कुल जरूरत का 60 फीसदी आयात करता है। एसोसिएशन के अनुसार, वर्ष 2020-21 के विपणन वर्ष(नवंबर-अक्टूबर) के बीच खाद्य तेलों का आयात 131.3 लाख टन रहा है, जो काफी कम है।




