सिर्फ कहने मात्र की आजादी है आज भी एक स्त्री को। उसे आज भी उन्हीं बेड़ियों में बांधकर मजबूर बनाया...
युवमंच
संघर्ष ये जो चमक रहा है हमारे नाम का सितारा, कभी हम भी थे बिखरी हुई धूल से। मेरे जानने...
जब मैं खुद के अंदर देखता हूँ.... जब मैं खुद के अंदर देखता हूँ, एक नया किरदार पाता हूँ, एक...
हाँ एक फूल हूँ मैं। नाजुक कलियों में खिलता हूँ। हर रंग में मिलता हूँ। कभी गर्मी,कभी सर्दी से लडता...
अपना आईना जिंदगी से लम्हा चुरा बटुए में रखता रहा ! फुर्सत से खरचूंगा बस यही सोचता रहा। उधड़ती रही...
चलो एक बार फिर से… चलो एक बार फिर से,उंचाइयों को चूमते हैं,नया इतिहास रचते हैं,नया पैगाम पहुँचाते हैं,सोए हुए...
सूरज को कहूँ चन्दा तो ये ही बात सही है।तुम उसको गलत कहोगे हमनें जो बात कही है।1। तुम्हारी इतनी...
आज भी ये हालात क्यों है औरत कमजोर मर्द हैवान क्यों हैमर्द की मार सेहना औरत का काम क्यों हैजब...
प्रेमिका कैसे लिखूँ , तुझे शब्दों में।कैसे तुझे बयाँ करूँ।अविरल, अभिलाषा है तेरी।कैसे प्रेम का रस पान करूँ।मन में तेरा...
आज के चकाचौंध दिखावे की धारा में सरकारी विद्यालय को गरीब की पाठशाला कहा जाता है आखिर ऐसा क्यों? इसी...
