गूँज उठी रणभेरी काशी कब से खड़ी पुकार रही पत्रकार निज कर में कलम पकड़ो गंगा की आवाज़ हुई स्वच्छ...
युवमंच
माँ को मूर्खता का पाठ पढ़ता बचपन जन मूर्ख-दिवस पर रो रहा है मेरा मन माँ को मूर्खता का पाठ...
वो लड़का साहब, वो बाहर से मुस्कुराता है, वो खुश भी है, पर न जाने क्यों, उस मुस्कुराहट के पीछे...
मृत्यु का यह मुख्यद्वार मुबारक यह चुनावी त्योहार मुबारक। यह ज़हरीली फुहार मुबारक मेरी इक इक साँसो का होता। तुमको...
हे आदि अनादि अखण्ड अनन्ता। तोहे पुकारन लगे हैं नर नारी अरु सब संता।1। कौन सो पाप कियो है प्रभू...
टालु कुजणि कख हरचि सु टालु, जु छोटु भि रौन्दू छौ अर बडु भी कुजणि कख हरचि सु टालु जु...
नेगी दा! गीत हम भी लांदा बोल हम भी लिखदा|| गीत हम भी सुणदा, गीत हम भी जणदा|| नेगी दा...
भूत भविष्य और वर्तमान तुम तीनों कालों के ज्ञाता हो। तुम मृत्युंजय हो, तुम अभयदान वर दाता हो।। तुम जान...
कोरोना मानो लगता है कि जिंदगी की, सबसे बड़ी जंग साबित होगी ये कोरोना, जो थमने का नाम ही नही...
बटोई चल कभी है बटोई , मेंरा गौ भी औदु || त्वे दिखोलु भुतैरा मडुलु, त्वे घुमोलु गौ की सारी...
