बॉलीवुड सिनेमा के साउंड डिजाइनर राकेश रंजन ग्राफिक एरा के छात्रों से हुए रूबरू, दमदार कहानी को बताया फिल्म की कामयाबी
डिजिटल तकनीक के इस दौर में आज भी एक दमदार स्क्रिप्ट और कहानी दिखाने का अंदाज ही एक फिल्म को दर्शकों में लोकप्रिय बनाता है। ऐसा कहना है बॉलीवुड सिनेमा के अनुभवी साउंड डिजाइनर राकेश रंजन का। वह आज देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के इंडक्शन प्रोग्राम में छात्र छात्राओं से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने फिल्म निर्माण से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ताल, दामिनी, बरसात व अक्स जैसी सुपरहिट हिन्दी फिल्मों में चार बार साउंड रिकॉर्डिंग और डिजाइन के लिए फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित राकेश रंजन ने एक स्टोरी टेलिंग की तरह फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंन कहा कि सिनेमा आधुनिक कला का सबसे लोकप्रिय माध्यम है। एक फिल्म में दर्शकों को जिन भावो की अनुभूति होती है वे उस फिल्म से जुड़े अलग अलग टेक्निशियन और डायरेक्टर का संयुक्त प्रयास होता है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में भले ही फिल्म मेकिंग में नई टूल्स और टेक्निक्स का उपयोग हो रहा है, लेकिन फिल्म की रीड उसकी कहानी, प्लॉट और उसमें दिखाई जाने वाले किरदारों के प्रस्तुतिकरण होता है। फिल्म निर्माण से जुड़ी टीम के लोग सायकॉलिजस्ट की तरह होते हैं, जो अलग अलग मानसिकता के दर्शकों को अपनी सिनेमैटिक तकनीक से संतुष्ट करते हैं।
170 से ज्यादा फिल्मों की साउंड रिकॉर्डिंग में काम कर चुके और विस्लिंग वुड इंटरनेशनल मुंबई के सीनियर फैकल्टी और मेंटोर राकेश रंजन ने छात्र छात्राओं के फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर भी दिए। विश्वविद्यालय के केपी नौटियाल ऑडिटॉरीयम में कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर संजय जसोला ने सम्मान स्वरूप उत्तराखंडी टोपी भेंट की। इस कार्यक्रम में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कैप्टन हिमांशु धूलिया, शिक्षक और छात्र छात्राओं के साथ साथ ग्राफिक ऐरा हिल यूनिवर्सिटी के हल्द्वानी और भिमताल कैम्पस के छात्र छात्राएँ मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष विक्रम रौतेला ने किया।




