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October 8, 2026

काला दिवसः देहरादून में इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने निकाला मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

मतदाता अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों एवं सिविल सोसाइटी संगठनों की ओर से काला दिवस मनाते हुए आज देहरादून में ‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ संयुक्त मार्च निकाला गया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी दहन किया गया। साथ ही जिला प्रशासन के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। साथ ही एक स्वर में मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची, मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का पारदर्शी एवं सार्वजनिक रूप से समाधान होना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजपुर रोड स्थित महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कांग्रेस भवन, राजपुर रोड से जुलूस के रूप में गांधी पार्क पहुंचे। यहां इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों एवं सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि भी मार्च में शामिल हुए। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे। जहां मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इसके पश्चात मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष पहुंचा, जहां यह सभा में परिवर्तित हो गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस मौके पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और आम मतदाता के वोट के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर महानगर देहरादून में इंडिया गठबंधन के घटक दल एकजुट होकर जनता के बीच अपनी आवाज उठा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता। मतदाता का वोट लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ताकत है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटता है, तो उसकी पारदर्शी समीक्षा और उचित समाधान होना चाहिए। डॉ. गोगी ने कहा कि आने वाले समय में इंडिया गठबंधन द्वारा जो भी कार्यक्रम तय किए जाएंगे, उन्हें पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच ले जाया जाएगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सभा मेें सीपीआई माले के इन्द्रेश मैखुरी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा करने, पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सीपीआई से समर भंडारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में इंडिया गठबंधन द्वारा उठाए जा रहे सवालों और उनकी संवैधानिक स्थिति को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि गठबंधन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

सीटू के जिला सचिव लेखराज ने कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. एस.एन. सचान ने कहा कि मतदाता के अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था ECI-NET को लेकर उठ रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट एवं सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। सभा को कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सुजाता पॉल, इंसानियत मंच के संयोजक डॉ. रवि चोपड़ा, सीपीआई (एम) के जिला सचिव शिव प्रसाद देवली सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इंडिया गठबंधन की एकजुटता का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उठ रहे सवालों का समाधान संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस प्रवक्ता एवं इंडिया गठबंधन के संयोजक शीशपाल सिंह बिष्ट ने मार्च में शामिल सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप
इंडिया गठबंधन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, स्वायत्तता और संवैधानिक दायित्व पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। ज्ञापन के अनुसार, एसआईआर जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को अपारदर्शी ढंग से लागू करना, विपक्षी दलों एवं जनसंगठनों से प्रभावी परामर्श न करना, फॉर्म-7 का दुरुपयोग तथा लाखों पात्र मतदाताओं को बिना समुचित सुनवाई के बाहर करना लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की मर्यादा के विरुद्ध है। गठबंधन ने इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राष्ट्रपति को भेजा संयुक्त ज्ञापन
इंडिया गठबंधन से जुड़े राजनीतिक दलों और जनसंगठनों ने जिलाधिकारी, देहरादून के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को संयुक्त ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उत्तराखंड में चली एसआईआर प्रक्रिया से लाखों वास्तविक, जीवित और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। गठबंधन के अनुसार, उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर एसआईआर से पूर्व राज्य में 79,60,762 मतदाता थे, जो एसआईआर के बाद घटकर 71,58,949 रह गए। इस प्रकार कुल 9,06,521 मतदाताओं के नाम काटे गए। 2022 में कुल मतदाता 82,66,644 थे, यानी 2022 से अब तक 11,07,695 मतदाताओं की कमी हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जिलेवार कटौती
उधम सिंह नगर में 1,86,315, देहरादून में 1,82,016, हरिद्वार में 1,30,964, नैनीताल में 67,588, अल्मोड़ा में 50,887, पौड़ी गढ़वाल में 47,692, टिहरी गढ़वाल में 40,615, पिथौरागढ़ में 25,295, चमोली में 19,616, उत्तरकाशी में 17,772, चंपावत में 15,654, रुद्रप्रयाग में 9,159 और बागेश्वर में 8,240 मतदाताओं के नाम काटे गए।
प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में कटौती:
धर्मपुर में 57,318, देहरादून कैंट में 45,148, ऋषिकेश में 41,343, रायपुर में 40,452, राजपुर रोड में 39,046, मसूरी में 31,713, हल्द्वानी में 30,711, बीएचईएल रानीपुर में 45,342, हरिद्वार शहर में 45,231 तथा झबरेड़ा में 11,809 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
अन्य तथ्य
ज्ञापन के मुताबिक 36 मैदानी सीटों पर 7,33,260 तथा 34 पर्वतीय सीटों पर 3,80,008 मतदाता कम हुए। फॉर्म-7 के तहत पूरे राज्य में 1,04,708 नाम हटाए गए। 70 में से 45 विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2022 के जीत के अंतर से अधिक रही। गठबंधन का कहना है कि एसआईआर का असर असमान, पक्षपातपूर्ण तथा लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर गंभीर प्रभाव डालने वाला है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

गठबंधन की मांग
1. मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुरूप स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया जाए।
2. उत्तराखंड सहित जहां-जहां एसआईआर लागू है, वहां यह प्रक्रिया तत्काल निरस्त/स्थगित की जाए।
3. एसआईआर से पहले की मूल मतदाता सूची बहाल की जाए तथा काटे गए सभी नामों की व्यक्तिगत सुनवाई, दस्तावेजी सत्यापन और न्यायिक निगरानी सुनिश्चित हो।
4. फॉर्म-7 के तहत हटाए गए नामों की पारदर्शी जांच हो; मृत/स्थानांतरित दिखाकर जीवित मतदाताओं को हटाने की शिकायतों की जांच हो।
5. चुनाव आयोग सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, जनसंगठनों और नागरिक समाज से परामर्श कर नई मतदाता सूची प्रक्रिया बनाए।
6. आगामी विधानसभा/लोकसभा चुनाव एसआईआर रहित मूल मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं।
7. मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया का स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में सोशल ऑडिट हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन में शामिल संगठन
इस अवसर पर इंडिया गठबंधन के कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, माले, सपा, सीटू, एसएफआई, इंसानियत मंच, एआईएलयू, किसान सभा, जनवादी महिला समिति, सर्वोदय मंडल आदि संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह अरुण शर्मा, अनुराग मित्तल, संजय भारती, प्रमोद गुप्ता, अर्जुन पासी, ललित बद्री, सुनील जायसवाल, वीरेंद्र पंवार, सैयद जमाल, गुलशन कुमार, हिमांशु कटारिया, अनूप सक्सेना, अभिषेक पासी, अनुराग गुप्ता, अल्ताफ अहमद, सीपीएम से अनन्त आकाश, कांग्रेस नेता जगदीश धीमान, सुनील जयसवाल, गरिमा दसोनी, सपा के हुसैन अहमद,, इन्सानियत मंच से त्रिलोचन भट्ट, सर्वोदय मंडल से हरबीर कुशवाहा, किसानसभा से सुरेंद्र सिंह सजवाण, गंगाधर नौटियाल, जाहिद अन्जुम, अमर बहादुर शाही, सीटू से एस एस नेगी, भगवन्त पयाल, कृष्ण गुनियाल, रविंद्र नौडियाल, हिमांशु चौहान, अभिषेक भण्डारी, जनवादी महिला समिति से नुरैशा अंसारी, अंजलि पुरोहित, कुसुम नौडियाल, अनिता, शाकुम्भरी रावत, एआईएलयू से शम्भू प्रसाद ममगाई, अनुराधा, शान्ति, एसएफआई से नितिन मलेठा, शैलेन्द्र नेगी, डीवाईएफआई से नितिन, चेतना से राजेंद्र शाह, कर्मचारी यूनियन से जगदीश कुकरेती आदि मौजूद थे।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।