कांग्रेसी सत्याग्रह को बीजीपी ने बताया दुराग्रह और राजनैतिक ड्रामा
उत्तराखंड भाजपा ने सोनिया गांधी की ईडी में पेशी के खिलाफ कांग्रेसी सत्याग्रह को कांग्रेसी दुराग्रह बताते हुए राजनैतिक ड्रामा करार दिया है। पार्टी प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के इस विरोध को ‘चोरी पर सीनाजोरी’ कहते हुए जांच एजेंसियों को दबाब में लाने और जनता का ध्यान भटकाने का असफल प्रयास बताया।एक बयान में सुयाल ने कहा कि आज जब देश आज़ादी का 75वां वर्ष अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा है। वहीं, देश की सबसे पुरानी और आज़ादी दिलाने का दावा करने वाली कॉंग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता भ्रष्टाचार आरोप में बेल पर हैं।जांच एजेंसियों के सामने पेश हो रहे हैं, लेकिन इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं का बड़ी बेशर्मी से विरोध प्रदर्शन करते हुए संवैधानिक जांच एजेंसियों पर दबाब की कोशिश कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होने सवाल किया कि अगर सोनिया या राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड केस में कुछ भी गलत नहीं किया है तो जांच का सामना करने से क्यों घबरा रहे हैं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा बेहतर होता अपने सुप्रीम नेताओं के घोटालों से ध्यान हटाने के लिए आंदोलन करने बजाय कांग्रेसी नेता को जनसरोकारों के लिए रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करते। केंद्रीय एजेंसियां इस तरह के राजनैतिक प्रपंचों से दबाब में नहीं आने वाली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि देर सबेर घोटालों का सच सामने आ ही जाएगा कि किस तरह स्वतन्त्रता सेनानियों के आर्थिक सहयोग से शुरू एक राष्ट्रीय अखबार की हजारों करोड़ की संपत्ति को स्वतन्त्रता दिलाने का दावा करने वाली कांग्रेस के ही शीर्ष नेताओं ने हड़प लिया। उन्होने कहा कि भाजपा और जनता सबको एहसास है कि इस विरोध के पीछे कॉंग्रेस पार्टी का मकसद सिर्फ और सिर्फ जांच की प्रक्रिया को लंबा खिंचवाना और जनता का ध्यान बांटना है। वो खुद जानते हैं कि इस मामले में भी उनकी भ्रष्टाचार की दाल पूरी की पूरी काली है।




