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April 13, 2026

कौथिग 2022 के चौथे दिन हिमालयी राज्यों के लोकनृत्यों का मनोहारी प्रदर्शन, झूम उठे दर्शक

देहरादून के रेसकोर्स स्थित मैदान में गढ़वाल सभा देहरादून की ओर से आयोजित किए जा रहे कौथिग-2022 के चौथे दिन सोमवार को हिमालयी राज्यों के लोकनृत्यों का प्रदर्शन किया गया। अखिल गढ़वाल सभा देहरादून की ओर से ये आयोजन दस दिवसीय किया जा रहा है। लोकनृत्यों में कलाकारों की सुंदर प्रस्तुति को देख दर्शक झूम उठे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने दीप प्रज्जवन कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत मणिपुर के कलाकारों ने मतुंग इबोम्बशा सिंह के नेतृत्व में-लाई हरोबा लोक नृत्य के साथ की। यह नृत्य लोग अपने क्ष्रेत्र की सुख शांति की प्रार्थना में करते हैं। इसके बाद जम्मू कश्मीर के दल ने इम्तियाज़ अली के नेतृत्व में प्रसिद्ध रौंफ नृत्य प्रस्तुत किया। ये नृत्य त्योहारों और विवाहोत्सव पर आभूषणों और फिरन के साथ किया जाता है। इसमे सारंगी रबाब, तजम्बक नाड़ी का विशेष प्रयोग होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गोर्खाली सुधार सभा के कलाकारों ने अध्यक्ष पदम सिंह थापा व प्रभा शाह के साथ नेपालि नृत्य देवसी भइलो प्रस्तुत किया। ये नृत्य दीपावली के अवसर पर किया जाता है। इसके बाद मणिपुर के कलाकारों ने मार्शल आर्ट पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। तद्पश्चात नीति माना घाटी के कलाकरों ने उत्तराखंड का पौना नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद कलाकारों ने राजीव के नेतृत्व में असम का सुन्दर सेनिमायी बिहू नृत्य प्रस्तुत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कुर्मांचल सांस्कृतिक परिषद के कलाकारों ने अध्यक्ष कमल रजवार व बबिता लोहानी के नेतृत्व में सुन्दर लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इसके बोल थे- सातु आठू। अंत में मणिपुर के दल ने एक और नृत्य प्रस्तुत किया जो लकड़ियों के साथ बहुत योग्यता के साथ किया जाता है। साथ ही एक नृत्य एयर प्रस्तुत किया। इसको दर्शकों ने बहुत सराहा।(खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इससे पहले अखिल गढ़वाल सभा देहरादून के अध्यक्ष रोशन धस्माना ने सभी का स्वागत किया। गजेंद्र भंडारी ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि कौथिग की सफलता में समाज का बहुत बड़ा योगदान है। कार्यक्रम का संचालन प्रचार सचिव व प्रवक्ता अजय जोशी ने किया। इस अवसर पर पंडित उदय शंकर भट्ट, उदवीर पंवार, निर्मला बिष्ट, ज्योतिष घिल्डियाल, वीरेंद्र असवाल, दामोदर सेमवाल, दिवाकर भट्ट, सूर्य प्रकाश भट्ट, कुलानंद घनशाला, भारती पांडे आदि उपस्थित थे।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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