फिलहाल प्रशांत किशोर को विश्वास नहीं है कि तीसरा मौर्चा दे पाएगा भाजपा का चुनौती
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ दो सप्ताह में दो मुलाकातों के बीच अटकलों का जो दौर चला, उस पर एक किस्म से प्रशांत किशोर ने ही विराम लगा दिया।
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ दो सप्ताह में दो मुलाकातों के बीच अटकलों का जो दौर चला, उस पर एक किस्म से प्रशांत किशोर ने ही विराम लगा दिया। कहा गया था कि प्रशांत किशोर सभी विपक्ष को एकत्र कर भाजपा को मिशन 2024 के तहत चुनौती खड़ी करने की मुहिम चला रहे हैं। ऐसी अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि-यकीन नहीं होता कि कोई तीसरा या चौथा मोर्चा बीजेपी को कामयाबी से चुनौती दे पाएगा। कहा कि-मैं तीसरे या चौथे मोर्चे में विश्वास नहीं करता।प्रशांत किशोर ने हाल ही में दूसरी बार सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इसके बाद से ही तीसरे मोर्चे के गठन की अटकलों को बल मिला। इससे पहले 11 जून को मुंबई में शरद पवार के घर पर दोनों के बीच 3 घंटे की मुलाकात हुई थी। वहीं, आज एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर गैर कांग्रेसी विपक्षी दलों की बैठक भी बुलाई गई है। आज की बैठक अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों के ‘मिशन 2024’ की अटकलों के बीच हुई है।
दूसरी ओर प्रशांत किशोर का मानना है कि तीसरा मोर्चा मॉडल आजमाया हुआ और पुराना है। इस समय से वर्तमान राजनीतिक हालात के अनुकूल नहीं है। उनका स्पष्टीकरण उन अटकलों पर विराम लगाने के लिए है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के साथ उनकी बैठकें 2024 के आम चुनावों के लिए तीसरे मोर्चे जैसे एक गठबंधन को रूप देने को लेकर हुई। वह कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है।
एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में प्रशांत किशोर का कहना है कि एनसीपी प्रमुख के साथ ये मुलाकात दोनों के लिए एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जानने के लिए है। दोनों ने अतीत में साथ मिलकर काम नहीं किया है। पवार के साथ बैठकों में विशुद्ध राजनीतिक चर्चाएं होती हैं। सभी इस संभावनाओं को तलाश रहे हैं कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में क्या तरीका काम करेगा और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि एक संभावित तीसरे मोर्चे के प्रकार का मॉडल, अभी के लिए, उनकी योजना में शामिल नहीं है।
ममता बनर्जी के प्रचार अभियान को तैयार करने में मदद करने वाले किशोर ने बाद में कहा कि उनकी जीत ने सभी विपक्षी दलों को एक संदेश दिया कि-वे भी भाजपा के सामने खड़े हो सकते हैं और उन्हें चुनौती दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि पवार अपने दुर्जेय अनुभव और नेटवर्किंग कौशल के लिए जाने जाते हैं। वह तो सिर्फ एक रणनीतिक खाका प्रदान कर सकते हैं।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






