अंकिता भंडारी हत्याकांडः उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन, प्रवासी उत्तराखंडियों का दिल्ली में धरना, दी ये चेतावनी
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम के रूप में नया नाम सामने आने पर अब पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक आंदोलन हो रहे हैं। बीती चार जनवरी को तो प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। साथ ही देहरादून में विभिन्न राजनीतिक दलों और समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सीएम आवास कूच किया। अब आंदोलन की आंच दिल्ली तक पहुंच चुकी है। चार जनवरी को ही विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही प्रवासी उत्तराखंडियों ने जंतर मंतर पर धरना दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर प्रवासी उत्तराखंडियों ने भाजपा को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। साथ ही उत्तराखंड के सीएम धामी के इस्तीफे और अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग पूरी करने की मांग की गई। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप एक प्रस्ताव रखा कि यदि 10 दिन के भीतर मांग पूरी नहीं होती तो दिल्ली में भाजपा मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। इसे सर्वसम्मति के पारित कर दिया गया। साथ भी यह भी कहा कि सीबीआई जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायधीश की देखरेख में होनी चाहिए। धरने के उपरांत भू कानून संयुक्त संघर्ष समिति के एक शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन प्रेषित कर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह नेगी ने इस मामले में जनांदोलनों को और व्यापक तथा मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच को लेकर सभी विपक्षी दल एक हैं। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्र ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सरकार की मानसिकता महिलाओं के प्रति नफरत से भरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सबकी है और सबको मिलकर लड़ना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रसिद्ध समाज सेवी और बलात्कार विरोधी कार्यकर्ता योगिता भयाना ने अपने संबोधन में कहा कि वो बेटियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपराध में मौन नहीं, बल्कि लिप्त है। भयाना ने कहा असली अपराधी का नाम सामने आ गया तो दोनों सरकारें गिर जायेगीं।स (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
समाजसेवी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिपाल रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उनका इस मामले में आरंभ से ही परोक्ष नहीं अपितु प्रत्यक्ष भूमिका रही है। वे राज्य के शासन के अग्रणी होने के नाते जवाबदेह हैं। उनको बताना चाहिए़ कि उन्होंने इस मामले अभी तक क्या किया। हमारा आरोप है कि वो वीआईपी समेत समस्त अपराधियों को बचा रहे हैं। उनको तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण रावत, उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष बिहारी लाल जालंधरी, शशि मोहन कोटनाला, दिगमोहन नगी, पुरुषोत्तम शर्मा, चारु तिवारी, सुरेन्द्र हल्सी, प्रताप थलवाल समेत अनेक लोगों ने सभा को संबोधित किया। इस सत्याग्रह की अध्यक्षता वरिष्ठ महिला नेत्री उमा जोशी ने की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हाल ही में अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। हालांकि, इस मामले में कोई जांच नहीं की गई।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



