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January 9, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांडः महिला कांग्रेस ने मंत्री का आवास घेरा, विभिन्न दलों और संगठनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, चार जनवरी को होगा सीएम आवास कूच

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में वीआईपी के नाम के रूप में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री का नाम सामने आने के बाद से ही पूरे राज्यभर में आंदोलन का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन से जुड़े लोग अब सड़कों पर हैं। इस मामले में जनता की ओर से आरोपी वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर महिला कांग्रेस ने मंत्री रेखा आर्य के सरकारी आवास का घेराव किया। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। वहीं, चार जनवरी को देहरादून में व्यापक स्तर पर सीएम आवास कूच भी होगा। इसके लिए विभिन्न दल और सामाजिक संगठन जुट गए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा महिलाओं के सम्बन्ध में दिये गये आपत्तिजनक बयान पर महिला कांग्रेस में भारी रोष है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री रेखा आर्य के यमुना कॉलोनी देहरादून स्थित आवास का घेराव किया। साथ ही अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी और आपत्तिजनक बयान देने वाले गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में यमुना कॉलोनी गेट पर एकत्र हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए मंत्री रेखा आर्य के आवास की ओर कूच किया। इस मौके पर ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन वर्ष हो चुके हैं, परन्तु अभी तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है। क्योंकि हत्याकांड में जिस वीआईपी का जिक्र हुआ था. वह नाम भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी के रूप में सामने आया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में राज्य में जितने भी महिला अपराध के मामले सामने आये हैं, उनमें भाजपा नेताओं की संलिप्तता जग जाहिर है। उल्टे पुलिस ने पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का काम किया है। ज्योति रौतेला ने राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय जैसे मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाली मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने महिलाओं के सम्बन्ध में दिया गया सार्वजनिक बयान दिया कि- बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियां आसानी से मिल जाती हैं, की भी कडे शब्दों में निन्दा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि प्रदेश महिला कांग्रेस साहू के बयान की कठोर शब्दिों में निन्दा ही नहीं करती, अपितु रेखा आर्य से भी महिला सशक्तिकरण मंत्री होने के नाते स्पष्टीकरण की मांग करती है। ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ थाना डालनवाला में भी मामला दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग की। ज्योति रौतेला ने कहा कि गिरधरी लाल साहू का यह बयान भाजपा की विकृत मानसिकता को दर्शाता है, जिनकी नजरों में महिलाओं की अस्मिता की कीमत लगाई जाती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गिरधारी लाल साहू का बयान
बीजेपी की एक सभा में युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गिरधारी लाल साहू ने कहा कि अगर शादी नहीं हो रही है तो बिहार से करवा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 20 से 25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं। यह बयान गुरुवार को उत्तराखंड के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में दिया गया, जहां गिरधारी लाल साहू युवाओं को संबोधित कर रहे थे। बयान में महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी को न केवल बिहार की महिलाओं बल्कि, पूरे समाज की महिलाओं का अपमान बताया जा रहा है। इस बयान का वीडियो सामने आते ही देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रौतेला ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकारें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है। वहीं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति की बयानबाजी महिलाओं के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शा रही है। उन्होंने डालनवाला थाने में प्रथम सूचना दिपोर्ट दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। महिला कांग्रेस ने रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से सार्वजनिक मॉफी की भी मांग की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उमिला ढौंडियाल थापा, पार्षद कोमल बोरा, संगीता गुप्ता, सविता सोनगर, रॉबिन त्यागी, पिया थापा, अनीता सकलानी, महासचिव पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अमृता कौशल, अनुराधा तिवारी, रितेश क्षेत्री, विनीत प्रसाद बंटू, गौरव आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
अंकिता प्रकरण में वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग और देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एन्जिल चकमा के हत्या के खिलाफ उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने जिला मुख्यालय पर प्रर्दशन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन उपजिलाधिकारी अपूर्वा सिंह को सौंपा गया। ज्ञरान में त्रिपुरा के छात्र एग्जिल्स चकमा की हत्या के लिये नफरती राजनीति तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था सीधेतौर पर जिम्मेदार बताया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कहा गया कि देहरादून पुलिस द्वारा इस गम्भीर अपराध को आपसी रंजिश बताना शर्मनाक है। पिछले कुछ साल से राज्य में अल्पसंख्यकों एवं समाज के कमजोर तबकों पर साम्प्रदायिक हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। साथ ही अंकिता भंडारी प्रकरण में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार और राज्य प्रभारी दुष्यंत गौतम को जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाने की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर परिषद संयोजक नवनीत गुंसाई, सीपीआईएम के जिला सचिव अनन्त आकाश, संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, प्रवक्ता चिन्तन सकलानी, पूर्व महासचिव राजकुमार जायसवाल, बालेश‌ बवानिया, प्रभात डंडरियाल, एडवोकेट संजय मिश्रा, राजेश शर्मा, एडवोकेट प्रिंयका रानी, दुर्गा ध्यानी रतूड़ी, विकास रावत, सुशील घिल्डियाल, भुवनेशवरी, धनशयाम, पारूल बिष्ट आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वीआईपी की जांच के लिए चार जनवरी को सीएम आवास कूच
अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की जांच की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से चार जनवरी को देहरादून में सीएम आवास कूच किया जाएगा। इस कूच में आम नागरिकों से भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की है। उत्तरांचल प्रेस क्लब में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि नये आरोपों के बाद अब इस मामले की फिर से जांच करने की जरूरत है। यह स्पष्ट हो चुका है कि सरकार ने पहले भी अंकिता के वीआईपी को बचाने का प्रयास किया और अब दो लोगों के नाम कथित रूप से वीआईपी के रूप में सामने आने के बाद भी सरकार इस मामले में टाल-मटोल कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास कूच के जरिये वीआईपी का नाम उजागर करने, बुलडोजर से अंकिता का कमरा ढहाने वालों पर कार्रवाई की मांग मुख्य रूप से की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाने वाली उर्मिला सनावर की सुरक्षा की भी सरकार से मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि जो ऑडियो सामने आये हैं, वे गंभीर हैं। इसके बावजूद सरकार मामले की जांच नहीं कर रही है। आम लोगों से सबूत लाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां सरकार के पास हैं, उसे जांच करवाकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन समुदाय, जाति, धर्म, क्षेत्र से ऊपर उठकर इंसानियत के लिए किया जा रहा है। मूल निवास भूकानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने कहा कि 4 जनवरी के मार्च के बाद भी सरकार आम लोगों की मांग नहीं मानती तो आगे पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इसमें राज्यभर में बंद और चक्काजाम जैसे प्रदर्शन शामिल हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि निचली कोर्ट के फैसले में बार-बार वीआईपी की बात कही गई है। लेकिन उस वीआईपी को जांच के दायरे से अलग क्यों रखा गया, यह बात लोगों के गले कभी नहीं उतरी। यही वजह है कि एक पूर्व बीजेपी विधायक का कथित ऑडियो सामने आने के बाद लोग फिर से सड़कों पर उतर गये हैं। उन्होंने कहा कि कानून में यह व्यवस्था है कि किसी मामले में नये तथ्य सामने आने के बाद नये सिरे से जांच की जा सकती है। इसलिए सरकार को तुरंत वीआईपी के रूप में जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनकी जांच करनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गढ़वाल सभा के अध्यक्षर रोशन धस्माना, उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट, यूकेडी की प्रमिला रावत, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के कर्नल कैलाश धस्माना, मूल निवास भूकानून संघर्ष समिति की ऊषा डोभाल, जन विज्ञान समिति की डॉ. उमा भट्ट, सुलोचना ईष्टवाल, इप्टा के हरिओम पाली भी मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। हालांकि, इस मामले में कोई जांच नहीं की गई।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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