अंकिता भंडारी हत्याकांड, जोरदार सर्दी में रात को सड़क पर निकल रहे कांग्रेसी, निकाल रहे न्याय यात्रा, कहीं मशाल जुलूस, कहीं कैंडल मार्च
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर करने, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई, हत्याकांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। देहरादून में कांग्रेस ने अलग अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए। इनमें एक स्थान पर मशाल जुलूस निकाला गया। वहीं, दूसरे स्थान पर कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी को न्याय दो के नारे लगाए गए। जोरदार सर्दी में जब लोग घरों में दुबकने लगते हैं, तब सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का हुजूम देखा जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून में कांग्रेस के युवा नेता रितेश क्षेत्री की ओर से चकराता रोड स्थित नाथ वाटिका से किशन नगर चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने – VIP का नाम उजागर करो, अंकिता को न्याय दो, CBI जांच कराओ, सिटिंग जज की निगरानी में कराओ, आदि के नारे लगाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने कहा अंकिता भंडारी की हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में किया गया जघन्य कांड है। सरकार आज तक उस VIP का नाम नहीं बता पाई, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया। यह चुप्पी साफ संकेत है कि सत्ता अपराधियों को बचा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी थी। उसकी अस्मिता और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को कोई भी सरकार नहीं बचा सकती। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता। धामी सरकार अगर सच में निष्पक्ष है तो पूरे मामले की CBI जांच सिटिंग जज की निगरानी में कराए और उस VIP का नाम सार्वजनिक करे, जिसकी वजह से एक बेटी की जान गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मशाल जुलूस में मौजूद कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी। यह लड़ाई राजनीति की नहीं, उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान की है। कांग्रेस पार्टी हर कीमत पर अंकिता को न्याय दिलाकर रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल सिंह शर्मा, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, गोदावरी थापली, दीप बोरा, कोमल बोहरा, सुमित्रा ध्यानी, अभिनव थापर, प्रवीण त्यागी, महिपाल शाह, प्रीतम सिंह आर्य, पीयूष जोशी, कुलदीप जखमोला, नरेश गांधी, वंश आदि युवा मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महानगर कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूस
देहरादून महानगर कांग्रस कमिटी के अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में सहस्रधारा क्रासिंग रायपुर रोड में कांग्रेस सेवादल की महानगर अध्यक्ष सावित्री थापा के सौजन्य से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जसविंदर गोगी ने कहा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद, राज्य में सीबीआई जांच की मांग थमी नहीं है, बल्कि हालिया ‘VIP’ खुलासों के बाद यह मांग और उग्र हो गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि अंकिता पर जिस वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया गया था, वह सत्ताधारी दल से जुड़ा कोई प्रभावशाली व्यक्ति था। इसकी पुष्टि खुद भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी ने अपने और अपने पति के बीच हुई बातचीत को सार्वजनिक कर कर दी। उसकी ओर से वायरल आडियो में वीआईपी के रूप में जिस गट्टू का नाम लिया, उसे बचाने के लिए ही कथित तौर पर रिसॉर्ट के अंकिता वाले कमरे को रातों-रात ढहा दिया गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में बयान दिया था कि वे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात करेंगे और उनकी इच्छा के अनुसार ही आगे का कानूनी कदम उठाएंगे। अब तो अंकिता भंडारी के माता पिता ने धामी से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र भी दिया। इसमें उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग भी रखी है। ऐसे में अब भी सीएम धामी की खामोशी ये दर्शा रही है कि पहाड़ की बेटी को न्याय नहीं दिलाना चाहते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि आज पहाड़ों पर नारा गूंज रहा है कि पहाड़ की बेटी को न्याय का इंतज़ार, कहाँ है तुम्हारा चौकीदार। ये लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी। कैंडल मार्च में मुख्य रूप से सावित्री थापा, विनीत भट्ट, तुषार सिंह, मंजू , गुड्डी, साहिल, सौरभ थापा, विजय रतूड़ी आदि शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हाल ही में अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। हालांकि, इस मामले में कोई जांच नहीं की गई। इस नए खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



