अंकिता भंडारी हत्याकांडः पोल खुलने के डर से सीबीआई जांच से भाग रही भाजपाः सूर्यकांत धस्माना
उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा राज्य की सरकार की ओर से यह घोषणा किया जाना कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति नहीं करेगी, यह दुर्भाग्यपूर्ण कथन है। ये कथन साफ दर्शाता है कि जिस वीआईपी के नाम का जो खुलासा भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर राठौर ने किया, यदि उसकी पुष्टि अगर सीबीआई जांच में हो गई, तो अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण में सुबूत मिटाने का जो कूकृत्य भाजपा नेताओं ने किए कहीं उसकी पोल ना खुल जाए। इस भय से सीबीआई जांच नहीं कराई जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यह बात एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त वीआईपी समेत सभी दोषियों के बारे में जानना चाहता है। उनको कड़ी सजा मिले, इसके लिए लोग आंदोलनरत है। वहीं, भाजपा की प्रदेश व केंद्र की सरकार शुरू दिन से इस प्रयास में लगी रही कि किसी भी सूरत में वीआईपी का नाम उजागर ना हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि अब जब पूरे प्रदेश व देश की जनता वीआईपी का नाम जान चुकी है, तब अगर भाजपा और भाजपा की सरकार आज भी उस व्यक्ति को निर्दोष मानती है, तो दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए सीबीआई की जांच की संस्तुति कर केंद्र सरकार से सीबीआई जांच के आदेश करवाए। साथ ही इस मामले का पटाक्षेप करे। धस्माना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंकिता भंडारी के सभी गुनहगारों को सजा दिलाए बिना चैन से नहीं बैठेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। हालांकि, इस मामले में कोई जांच नहीं की गई।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



