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October 16, 2026

चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए अमित शाह की घोषणा से राजनीतिक तूफान, आप ने कहा-हमारे प्रभाव से डरी बीजेपी

चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा से सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ। आम आदमी पार्टी ने इसे राज्यों की स्वतंत्रता पर केंद्र का दखल माना और कहा कि आप के बढ़ते प्रभाव से बीजेपी डरी हुई है।

चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा से सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ। आम आदमी पार्टी ने इसे राज्यों की स्वतंत्रता पर केंद्र का दखल माना और कहा कि आप के बढ़ते प्रभाव से बीजेपी डरी हुई है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे पर केंद्र की कड़ी निंदा की है। हालांकि पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान की तरफ से अभी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि चंडीगढ़ केंद्र शासित क्षेत्र प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें अब केंद्रीय सिविल सेवाओं के अनुरूप होंगी। इसका उन्हें बड़े पैमाने पर फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिला कर्मचारियों को शिशु की देखभाल के लिए मौजूदा एक साल के अवकाश की जगह अब दो साल का अवकाश मिलेगा।
शाह ने कहा कि मैं चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों को एक अच्छी खबर देना चाहता हूं। आज से, चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्रीय सिविल सेवा के अनुरूप होंगी. आपको (कर्मचारियों को) काफी फायदा होने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने यहां चंडीगढ़ पुलिस की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यह घोषणा की। शाह ने कहा कि केंद्र शासित क्षेत्र में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से बढ़ा कर 60 साल कर दी गई है।
कर्मचारियों के लिए घोषणा पर उन्होंने कहा कि यह चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की लंबे समय से की जा रही मांग थी. आज, मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कल एक अधिसूचना जारी की जाएगी और आगामी वित्त वर्ष (एक अप्रैल से) आपको फायदा मिलेगा।
वहीं इस फैसले का सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने निंदा की है। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि चंडीगढ़ पर नियंत्रण और पंजाब के अधिकारों को हड़पने के भाजपा के तानाशाही फैसले की हम कड़ी निंदा करते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनके मंत्रियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
इस मामले पर आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि-2017 से 2022 तक कांग्रेस ने पंजाब पर शासन किया। अमित शाह ने तब चंडीगढ़ की शक्तियां नहीं छीनी थीं। पंजाब में आप की सरकार बनते ही अमित शाह ने चंडीगढ़ की सेवाएं छीन लीं। आप के बढ़ते कदमों से बीजेपी डरी हुई है।

गृह मंत्री की घोषणा की शिरोमणि अकाली दल नेता दलजीत सिंह चीमा ने एक ट्वीट में आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के नियमों को चंडीगढ़ के कर्मचारियों पर थोपने का गृह मंत्रालय का फैसला पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की भावना का उल्लंघन है और इसपर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका मतलब पंजाब को हमेशा के लिए राजधानी के अधिकार से वंचित करना है। भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड नियमों में बदलाव के बाद यह पंजाब के अधिकारों पर एक और कुठाराघात है।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।