एआई खोल रहा नई संभावनाओं के रास्ते: बिस्वजीत दास
ईडब्ल्यूएस डेटा और एआई हेड बिस्वजीत दास ने कहा कि आज एआई मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझकर उसे तकनीक के माध्यम से दोहराने का प्रयास कर रहा है। जीवन के अनुभवों से जुटाया गया डेटा नए विचारों और समझ का आधार बनता है, जो एआई के विकास में सहायक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एडब्ल्यूएस (भारत एवं दक्षिण एशिया) डेटा और एआई हेड बिस्वजीत दास देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। बिस्वजीत दास ने कहा कि व्यवसाय एआई का उपयोग अनुभव सुधारने, कार्यक्षमता बढ़ाने और नए प्रयोगों के लिए कर रहे हैं। एआई बड़े आयोजनों का सारांश बनाकर समय बचाता है और टैक्स जैसी प्रक्रियाओं को सरल करता है। भविष्य में एआई काम के तरीके बदलकर नई संभावनाएं खोलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि आज एआई तेजी से हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन रहा है और चीज़ों को पहले से ज्यादा स्मार्ट बना रहा है। अब एआई आधारित एजेंट्स मैसेज भेजने, काम मैनेज करने और फैसले लेने जैसे कई काम आसानी से कर सकते हैं। तकनीक अब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं, बल्कि एजेंट्स के बीच भी संवाद और सहयोग संभव हो गया है। बैंकिंग से लेकर वेयरहाउस तक एआई काम को तेज और आसान बना रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में हर युवा अपने आइडिया को तेजी से हकीकत में बदल सकेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन प्रो डॉ कमल घनशाला ने बिस्वजीत दास को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में वाइस चांसलर डॉ नरपिंदर सिंह, प्रो वी सी डॉ संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डॉ नरेश कुमार शर्मा, एडब्ल्यूएस कॉर्डिनेटर डॉ आकांक्षा गुप्ता, सुमित गुप्ता, प्रशांत प्रियम, अन्य पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


