संबद्धता विस्तारण समय से नहीं, लेकिन वसूल करना है संबद्धता विस्तारण शुल्क जीएसटी सहितः डॉ सुनील अग्रवाल

निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय महाविद्यालय एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल ने राज्य में निजी कॉलेजों की संबद्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संबद्धता विस्तारण समय से नहीं किया जाता है, लेकिन संबद्धता विस्तारण शुल्क जीएसटी सहित वसूल करना नियति बन गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि श्री देव सुमन विश्वविद्यालय द्वारा अशासकीय और निजी स्व वित्तपोषित कॉलेजों को 24 अक्टूबर के आदेश द्वारा निर्देशित किया है कि अशासकीय और निजी स्ववित्त पोषित कॉलेजों को प्रतिवर्ष संबद्धता विस्तारण के लिए परंपरागत एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रति पाठ्यक्रम ₹5000 प्रक्रिया शुल्क और ₹50000 संबद्धता शुल्क 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ कुल 59000 जमा करना है। अगर किसी कॉलेज के पास 10 कोर्स हैं, तो रुपए 590000 प्रतिवर्ष जमा करने होंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसी तरह से डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अशासकीय और निजी स्ववित्त पोषित कॉलेजों के लिए प्रतिवर्ष प्रति कोर्स प्रकिया और संबद्धता शुल्क जीएसटी सहित 29500 और राजकीय कॉलेजों को परंपरागत और व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रतिवर्ष प्रति पाठ्यक्रम 11800 जमा करने होंगे। वहीं, संबद्धता विस्तारण के पत्र अधिकांश निजी कॉलेजों को 2019 के बाद से ही प्राप्त नहीं हुए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्वारा निजी विश्वविद्यालय खोलने हेतु भूमि का मानक कम करके 5 करोड रूपए की स्थाई विन्यास निधि जमा करने की बाध्यता समाप्त की जा रही है और दूसरी ओर कॉलेजों के लिए भूमि के मानक भी पूर्व की भांति है प्राभूत राशि भी बढ़कर 15 लाख 35 लाख रखी गई है। प्रतिवर्ष प्रकिया
और संबद्धता शुल्क के साथ जीएसटी की बाध्यता और उसके बावजूद संबद्धता विस्तारण पत्र का कोई समय नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि ये प्रक्रिया ऐसी है कि इससे पूरी तरह से कॉलेजों का संचालन असंभव सा बना हुआ है। विश्वविद्यालय के इस आदेश का विरोध करने और पुनर्विचार करने के लिए एसोसिएशन द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा जा रहा है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






