पूर्व अर्धसैनिक बलों के समर्थन में उतरे आप नेता कर्नल कोठियाल
उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी और आप के वरिष्ठ नेता कर्नल (सेनि) अजय कोठियाल पूर्व अर्धसैनिक बलों के समर्थन में उतर गए। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों ही दल बीजेपी और कांग्रेस सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ ही अर्धसैनिक बलों को लेकर राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों से जुड़े सैनिकों की 2014 से लंबित मांगें आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं। 2014 से आज तक कांग्रेस और बीजेपी की सरकार ने सत्ता संभाली, लेकिन इनके लिए कुछ करने की इच्छाशक्ति का नतीजा है कि आज भी अर्धसैनिक बलों के पूर्व सैनिक अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत हुए सैनिकों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड रहा है। आठ फरवरी 2014 में अर्धसैनिक बलों के लिए अलग से निदेशालय खोलने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में शासनादेश जारी किया था। ताकि अर्धसैनिक बल के सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को भी सैनिक और पूर्व सैनिकों की भांति सुविधांए मिल सके। उसके बाद बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल में भी इन लोगों को सिर्फ आश्वासन मिले। जब काफी अर्धसैनिक बलों के प्रयास और दबाव के बाद इस निदेशालय का गठन हुआ तो 2014 में शासनादेश के दौरान रखी गई थीं वो मांगे आजतक पूरी नहीं हो पाई हैं।
उन्होंने कहा कि सैनिक चाहे सेना का हो या अर्धसैनिक बल का। वो सैनिक होता है। आप पार्टी हर सैनिक को देशभक्त मानते हुए उनका सम्मान करती है। वर्तमान सरकार इन लोगों के साथ भेदभाव कर रही है, जो निंदनीय है। आप पार्टी इनकी मांगों को जायज मानते हुए उन सभी मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि शासनादेश में 30 पदों की स्वीकृति ली गई थी। इन लोगों की मांग है कि सरकार अर्धसैनिक, पूर्व अर्धसैनिक, विधवाओं तथा परिवार के सदस्यों को वो समस्त सुविधाएं दे जो सैनिक, पूर्व सैनिक, विधवाओं तथा परिवार के सदस्यों को मिल रही है। सभी जिलों में इसके कार्यालय भी खोले जांए। ताकि इन लोगों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए बार बार निदेशालय के चक्कर ना काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि अर्ध सैनिक बल देश का अहम हिस्सा हैं। इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि आज ये ही लोग अपनी मांगों के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष एक ओर तो पूर्व सैनिकों को सम्मान देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर आज अर्ध सैनिक बल के सैनिक और पूर्व सैनिक अपनी मांगों के लिए भटकने को मजबूर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, बीएसएफ, सीआईएसएफ और असम राईफल्स के सभी सैनिकों और पूर्व सैनिकों का देश सेवा में हमेशा अहम योगदान रहा है। इन बलों के जवानों को रिटायरमेंट के बाद हर सुविधा का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन अर्ध सैनिक कल्याण निदेशालय बनने के बाद भी इनकी मांगें पूरी नहीं हो पाई है।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि ये लोग सम्मानित लोग हैं। इनकी कद्र सरकार को बिल्कुल नहीं है, लेकिन आम आदमी पार्टी सभी पूर्व अर्ध सैनिक और सैनिकों का सम्मान करते हुए ये आश्वासन देती है। हमारी सरकार बनते ही इन सभी लोगों की मांगें तत्काल प्रभाव से पूरी की जाएंगी। साथ ही आप पार्टी इनकी सभी मांगों को जायज मानते हुए इनका पूर्ण समर्थन करती है। सरकार को आगाह करती है कि अर्ध सैनिक बल के लोगों को अगर अब भी अपनी मांगों के लिए भटकना पड़ा तो आप पार्टी इनके साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



