अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड में विशेष अग्निवीर सेल की होगी स्थापनाः सीएम धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया कुआंवाला देहरादून में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। यूथ फाउंडेशन की ओर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के अंतर्गत पूर्व सैनिकों तथा अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार से संबंधित अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के लिए विशेष अनुदान स्वीकृत किया जाएगा एवं सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक समर्पित सेल की स्थापना की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीरों, सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन की व्यवस्था की गई है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध विधवाओं एवं दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता एवं पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अग्निवीरों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवारों का सम्मान , राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार, अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन सहित राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अधिकतम आयु सीमा में छूट तथा भर्ती प्रक्रियाओं में आवश्यक भी प्राथमिकता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मान जनक भविष्य मिले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने कहा अग्निवीर बनना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष अग्निवीरों के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होगी। अग्निवीरों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने कहा उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां अग्निवीरों के लिए विशेष ‘अग्निवीर सेल’ की स्थापना भी की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उत्तराखंड को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। आज देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य उत्तराखंड बना है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू हुआ है। राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों के सभी प्रकरणों को गंभीरता से लिया और सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसमें उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा गया। सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने का परिणाम है कि आज उत्तराखंड के अंदर रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। पिछले 5 साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा राज्य में पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र युवाओं को नौकरी मिली है। उन्होंने कहा हर बच्चे को पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है। उन्होंने कहा राज्य में हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कीवी, एप्पल, तिमरु मिशन जैसी कई योजनाएं संचालित हैं। सतत विकास लक्ष्य की सूची में उत्तराखंड में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य को फिल्म फ्रेंडली स्टेट के रूप में भी सम्मानित किया गया है। निर्यात सूचकांक में बढ़त हुई है। अब राज्य के युवा अपने घर , गांव में ही रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, शीतकालीन यात्रा जैसी अनेकों यात्राओं में बीते 4 सालों में 24 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (से.नि) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (से.नि) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।



