आचार संहिता का उल्लंघन कर सरकारी तंत्र कर रहा था प्रचार, चुनाव आयोग ने लगाई रोक
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर लोगों को मोदी सरकार की तरफ से व्हाट्सएप पर मिल रहे विकसित भारत के मैसेज अब नहीं मिलेंगे। एक तरफ से ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन था। ताकि सरकार के नाम पर सत्ताधारी दल का चुनाव प्रचार किया जा सके। इसके लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा था। चुनाव आयोग ने आज गुरुवार 21 मार्च को तकनीकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी मिनिस्ट्री) को वॉट्सऐप पर भेजे जा रहे विकसित भारत से संबंधित मैसेज को तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दरअसल, में सारे नियम तो विपक्षी दलों के लिए बने हैं। सत्ताधारी दल इन नियमों का कैसे उल्लंघन करता है, ये जगजाहिर हो गया है। ये चुनाव अधिसूचना के बाद भी सरकार तंत्र बीजेपी सरकार की नीतियों के प्रचार में जुटा हुआ था। चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान और आचार संहिता लागू होने के बावजूद मोदी सरकार की योजनाएं बताने वाले मैसेज आम लोगों को भेजे जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आईटी मंत्रालय ने चुनाव आयोग को दलील दी कि विकसित भारत के मैसेज आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले लोगों के वॉट्सऐप पर भेजे गए थे, लेकिन ये सिस्टम और नेटवर्क इश्यू की वजह से देर से पहुंचे हैं। क्या ऐसा संभव है, ये हम नहीं जानते, लेकिन अधिकांश लोगों को चुनाव आयोग के निर्देश से पहले तक मैसेज पहुंच रहे थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वॉट्सऐप पर आईटी मंत्रालय की ओर से भेजे गए मैसेज में मोदी सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों से फीडबैक मांगा गया है। इस वॉट्सऐप हैंडल से मैसेज भेजे गए हैं, उसपर ग्रीन टिक है। मैसेज में लिखा है- विकसित भारत संपर्क प्रमुख योजनाओं के मूल्यांकन और इसके कार्यान्वयन, वितरण में सुधार के लिए भारत सरकार की एक सतत पहल है। इसमें MeitY का पता भी बताया गया है। इसकी वेबसाइट का लिंक भी अटैच किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चुनाव आयोग की गुरुवार की कार्रवाई MeitY की ओर से भेजे गए मैसेज पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कई शिकायतें मिलने के बाद आई है। चुनाव आयोग ने 16 मार्च को 7 चरणों में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। इसके तुरंत बाद ही आचार संहिता लागू हो गई। आचार संहिता लागू होने के साथ ही इसके उल्लंघन की शिकायतें भी दर्ज होने लगी हैं। पीएम मोदी के खिलाफ तो 24 घंटे में 2 शिकायतें आयोग तक पहुंच चुकी हैं।
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