पढ़िए परिवारवाद पर पीएम मोदी का बयान, फिर देखें कर्नाटक चुनाव में बीजेपी की लिस्ट, तय करें कि उन्होंने कितना सच बोला
अक्सर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते रहते हैं। चाहे 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से उनका भाषण हो या फिर अन्य किसी मौकों पर। वह कई बार परिवारवाद को लेकर खासकर कांग्रेस पर हमलावर रहे हैं। इसके साथ ही अन्य विपक्षी दल भी एक दूसरे पर परिवारवाद को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। सच तो ये है कि सभी पार्टियां इसमें लिप्त हैं। कर्नाटक में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भी सभी पार्टियों ने टिकट बंटवारे में परिवारवाद को बढ़ावा दिया है। इसमें बीजेपी भी पीचे नहीं है। अब यदि बीजेपी ही परिवारवाद की राह में चले तो प्रधानमंत्री जी को ये तो बताना चाहिए कि वह जो कुछ बोलते हैं, उनके संगठन में उसका उल्टा क्यों होता है। या फिर परिवारवाद का फार्मूला बीजेपी के लिए नहीं है। क्योंकि इस बार कर्नाटक में प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए बीजेपी ने परिवारवाद की कई हदों को पार किया है। बीजेपी ने कुल 224 सीटों में से अपने 212 प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पहली सूची में बीजेपी ने 189 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनमें से 20 उत्तराधिकारी हैं। परिवारवाद की सूची देखने से पहले पीएम मोदी का बयान भी आपको देख लेना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिवार पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार आठ अप्रैल को भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। जहां परिवारवाद (वंशवाद) होता है वहां हर प्रकार का भ्रष्टाचार पनपने लगता है। वंशवाद और वंशवाद की राजनीति का मूल मंत्र ही सब पर नियंत्रण है। उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं है कि कोई उनके नियंत्रण को चुनौती दे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कर्नाटक चुनाव में बीजेपी के वंशवाद वाले प्रत्याशी
कर्नाटक चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 189 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इस पहली लिस्ट में बीजेपी ने ऐसे कई उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो किसी बड़े नेता के रिश्तेदार हैं। उधर, पहली लिस्ट जारी होते ही बीजेपी में रिजाइन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। पूर्व डीप्टी सीएम और एमएलसी ने इस्तीफे देने का ऐलान किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों पर मेहरबान बीजेपी ने पार्टी ने शिकारीपुरा से कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजेंद्र को टिकट दिया है। वहीं, विजयनगर से आनंद सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह को टिकट दिया गया है। इसके अलावा हुक्केरी से बीजेपी ने स्व. उमेश कट्टी के बेटे निखिल कट्टी को टिकट दिया। वहीं, सौंदत्ती यल्लमा से स्वर्गीय विश्वनाथ मामानी की पत्नी रत्ना ममानी को टिकट दिया गया है। वहीं, अगर नजदीकी रिश्तेदारों की बात करें तो रमेश कट्टी और उनके भतीजे निखिल कट्टी चुनाव लड़ रहे हैं। रमेश जरकिहोली और उनके चचेरे भाई बालाचंद्र जरकिहिली चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा कई ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनके परिवार के लोग दूसरे दलों से चुनाव लड़ रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस में भी परिवारवाद
कांग्रेस पर तो परिवारवाद के हमेशा से पीएम आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, उन्हें अपनी पार्टी का परिवारवाद नहीं दिखता है। कर्नाटक के इस चुनाव में भी कांग्रेस इन आरोपों पर खरा उतरती नज़र आ रही है। अभी तक की जारी उम्मीदवारों की लिस्ट के अनुसार कांग्रेस ने करीब 30 ऐसे उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है जो किसी न किसी नेता के रिश्तेदार हैं और वो उनके कंधों पर सवार होकर विधानसभा में पहुंचने के लिए आतुर हैं।
मसलन, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने बेटे डॉ. यतीन्द्र को वरुणा विधानसभा से टिकट दिलवाने में सफल हो गए। वहीं कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने भी अपनी बेटी सौम्या रेड्डी के लिए जयानगर विधानसभा सीट प्राप्त कर ली। पूर्व रेल राज्यमंत्री मुनियप्पा की बेटी रूपा श्रीधर को कोलर गोल्ड फिल्डस से उम्मीदवार बनाया गया है। ठीक इसी प्रकार कांग्रेस ने पूर्व मंत्री टी.बी जयचंद्र के बेटे संतोष जयचंद्र को चिक्कनायकहली विधानसभा क्षेत्र से उतारा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जनता दल (एस)
जनता दल (एस) कर्नाटक में सक्रिय तीसरी सबसे महत्वपूर्ण पार्टी है जो इस बार ‘किंग मेकर’ की भूमिका अदा कर सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा वर्तमान में हासन से लोकसभा सांसद हैं और उनके बेटे एच.डी. कुमारस्वामी रामनगरम सीट से चुनाव मैदान में रहेंगे। वहीं कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी को मधुगिरि सीट से उम्मीदवार बनाया जाएगा। एच.डी. देवेगौड़ा के दूसरे बेटे एच.डी. रेवन्ना होलनरसीपुरा से चुनाव मैदान में हैं।

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।