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February 16, 2026

उत्तराखंड में फिर से बिजली की दरों में भारी बढ़ोत्तरी की तैयारी, ऊर्जा निगम ने नियामक आयोग को दोबारा भेजा प्रस्ताव

उत्तराखंड में एक बार फिर से बिजली की दरों में भारी बढ़ोत्तरी की तैयारी चल रही है। नियामक आयोग से प्रस्ताव वापस आने के बाद सोमवार को यूपीसीएल ने फिर से आयोग को संशोधित प्रस्ताव भेजा है। इसमें बढ़ोतरी 7.72 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.95 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मांग की है। नियामक आयोग अब इसका अध्ययन करने के बाद इसे सुनवाई के लिए स्वीकार करेगा। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

यहां ये बात भी गौर करने वाली है कि ऊर्जा निगम एक साल में तीन बार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी कर चुका है। ये बढ़ोत्तरी 26 पैसे से लेकर 1.11 रुपये प्रति यूनिट तक की गई है। एक अप्रैल से बिजली की दरों में 2.68 फीसद की वृद्धि हुई। सितंबर में 3.85 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के बाद अक्टूबर में सात पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए गए। यदि इस बार फिर से बढ़ोत्तरी होती है तो ये एक वित्तीय वर्ष में चौथी बार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी होगी। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

दरअसल, यूपीसीएल ने 15 दिसंबर को नियामक आयोग को एक अप्रैल 2023 से बिजली दरों में कुल 7.72 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव में यूपीसीएल ने नियामक आयोग का सितंबर 2022-मार्च 2023 तक का 6.5 प्रतिशत सरचार्ज भी खुद ही जोड़ते हुए आगे बढ़ाया था। नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को लौटा दिया था और 26 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव मांगा था। सोमवार को यूपीसीएल ने संशोधित प्रस्ताव नियामक आयोग को भेज दिया। इसमें कुल मिलाकर 16.95 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

सितंबर में बढ़ाया था 6.5 प्रतिशत सरचार्ज
यूपीसीएल ने महंगी बिजली खरीद के घाटे से उबरने के लिए नियामक आयोग में 1355 करोड़ 41 लाख रुपये उपभोक्ताओं से बतौर सरचार्ज वसूली की गुहार लगाई थी। इस पर जनसुनवाई के बाद नियामक आयोग ने यूपीसीएल को 6.5 प्रतिशत सरचार्ज बढ़ोतरी करते हुए बिजली बिल वसूलने की अनुमति दी थी, जिसकी मियाद एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक रखी गई थी। आयोग का कहना था कि इससे यूपीसीएल को 380 करोड़ रुपये की कमाई होती। आयोग ने इसके साथ ही 1100 करोड़ की राजस्व कमाई का पूरा फार्मूला भी दिया था।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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