Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 16, 2026

उत्तराखंड के लोक निर्माण मंत्री महाराज ने किया बेंगलुरु “मंथन” में प्रतिभाग, प्रदेश में सड़कों के लिए टनल बनाने की पैरवी

उत्तराखंड के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कर्नाटक के बेंगलुरु में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “मंथन” में प्रतिभाग कर राज्य में टनल्स और पहाडों पर सीमेंटेड सड़कें सड़कों के निर्माण की पैरवी की। आज से शुरू हुए इस “मंथन” शिविर में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री भाग ले रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “मंथन” में सभी राज्यों के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के साथ साथ राज्य में सड़कों के निर्माण में नई तकनीकी के इस्तेमाल और सुरक्षा की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अपना मंतव्य प्रकट करते हुए कहा कि पहाड़ों में अधिकांश स्थानों पर गांव सड़कों के ऊपर बसे हैं जिस कारण वायब्रिंग होती है और गांव को खतरा उत्पन्न होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने जनपद पौड़ी के गुमखाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर भी यही स्थिति उत्पन्न हो रही है इसलिए नेशनल हाईवे निर्माण मानकों में स्थित है बता देते हुए 24 मीटर के स्थान पर 14 मीटर एक्वायर किया जाए जिससे कि गांव बचे रहें। महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के अंदर टनल्स बने। ताकि लोग शीघ्रता के साथ अपने गंतव्य तक पहुंच सके। नई तकनीक को लेकर हमें कार्बन कंटेंट को कम कर करना है। निश्चित रूप से मंथन शिविर में बताई गई नई तकनीक के समावेश से हमारे पहाड़ों में सड़कों का समुचित विकास संभव हो पाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महाराज ने कहा कि हम चाहते हैं कि पहाड़ों पर सीमेंटेड सड़कें बने जिससे हिमपात वाले स्थानों में हमारी सड़कें शुद्र ग्रह और यातायात सुचारू रूप से चल सके। महाराज ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मंथन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुभव व एक दूसरे के सहयोग पर भी चर्चा की गई जिससे कि मंत्रालय और गडकरी जी की एक सकारात्मक पहल कहा जा सकता है।