विजिलेंस की टीम ने सितारगंज में लेखपाल को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज तहसील के लेखपाल को विजिलेंस टीम ने नौ हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एक शिकायत के आधार पर हल्द्वानी से विजिलेंस टीम ने लेखपाल को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसमें टीम को सफलता मिल गई। आरोपी लोखपाल अशरफ अली के खिलाफ थाना सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस टीम प्रकरण में शामिल अन्य अधिकारियों की भी गोपनीय जांच कर रही है। घूसखोरी मामले की जांच इंस्पेक्टर हेमा गुणवंत को सौंपी गई है। रिश्वतखोर लेखपाल को दबोचने वाली ट्रैप टीम को एसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने दस हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)जानकारी के मुताबिक, सितारगंज के गांव बिज्टी पटिया निवासी सुखदेव सिंह पुत्र करनैल सिंह ने भ्रष्टाचार से संबंधी शिकायत एप पर दर्ज कराई थी। इसके साथ ही 22 जुलाई को सुखदेव सिंह ने सतर्कता अधिष्ठान के एसपी को शिकायती पत्र भी दिया था। पीड़ित सुखदेव सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी भूमि की दाखिल-खारिज बंदोवस्त विभाग में होनी है। बंदोवस्त विभाग में तैनात लेखपाल अशरफ अली दाखिल खारिज की रिपोर्ट लगाने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। वहीं, दाखिल खारिज के लिए कोई पैसा नहीं लगता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पीड़ित सुखदेव सिंह ने लेखपाल अशरफ अली को 18 जुलाई को 6000 रुपये भी दे दिए हैं। शेष धनराशि नहीं दिए जाने पर लेखपाल उसका कार्य नहीं कर रहा है। इसके बाद सतर्कता विभाग ने गोपनीय जांच की थी। विजिलेंस इंस्पेक्टर चंचल शर्मा ने प्रथमिक जांच में आरोपों को सही पाया। इसके बाद एसपी विजिलेंस प्रहलाल नारायण मीणा के निर्देश पर ट्रैप टीम का गठन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसमें इंस्पेक्टर चंचल शर्मा, इंस्पेक्टर हेमचंद पांडे के अलावा अन्य कर्मी नियुक्त किए गए। शनिवार को ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर आरोपित लेखपाल अशरफ अली पुत्र शहादत अली मूल निवासी ग्राम ककरौंआ थाना शहजादनगर तहसील सदर जिला रामपुर, हाल निवासी कब्रिस्तान गेट थाना बनभूलपुरा हल्द्वानी, नैनीताल को नौ हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।




