गैरसैंण को लेकर शुरू हुई राजनीति, हरीश रावत ने उठाए सवाल, बीजेपी ने किया पलटवार, गर्मियों में नहीं तो कब
उत्तराखंड भाजपा ने देहरादून में बजट सत्र आयोजित कराए जाने के निर्णय की आलोचना करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व अन्य कोंग्रेसी नेताओं पर पलटवार किया।
उत्तराखंड भाजपा ने देहरादून में बजट सत्र आयोजित कराए जाने के निर्णय की आलोचना करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व अन्य कोंग्रेसी नेताओं पर पलटवार किया। हुए कहा कि सत्र स्थल परिवर्तित करने के पीछे सरकार का मकसद आम जनता की सहूलियत और यात्रा व्यवस्था को बनाये रखना है। वहीं, कांग्रेस का प्रलाप राजनिति से प्रेरित है।गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने पहले बजट सत्र उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में प्रस्तावित किया था। इसकी तिथि सात जून थी। अब इसे बदलकर अब देहरादून में किया जा रहा है। सत्र 14 जून से 20 जून तक प्रस्तावित है। इसे लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण में सत्र को लेकर किसी भी प्रकार की बहानेबाजी नहीं चलेगी। गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र आयोजित न करना विधानसभा तथा जन भावनाओं का अपमान है। बजट सत्र यदि गैरसैंण में नहीं हो पाता, तो आगे भी कोई सत्र वहां होगा। इस पर भी संशय रहेगा।
हालांकि, गैरसैंण में सत्र आयोजित ना करने के पीछे सरकार यात्रा व्यवस्या का हवाला दे रही है। अब सवाल ये भी उठता है कि चारधाम यात्रा गर्मियों में होती है। जो हर साल मई माह में शुरू होकर दीपावली से कुछ दिन पहले समाप्त हो जाती है। ऐसे में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सत्र कब होगा। क्योंकि सर्दियों में वहां सत्र का आयोजन करने में और ज्यादा दिक्कत होती है। वहां कड़ाके की सर्दी पड़ती है। पहले भी गैरसैंण में सर्दियों में सत्र आयोजित ना करने को लेकर कई विधायक सुझाव दे चुके थे। ऐसे में सवाल ये है कि क्या गैरसैंण सिर्फ राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनकर रह जाएगा। जब ग्रीष्मकालीन राजधानी में सत्र के आयोजन से सरकार कन्नी काट रही है तो वहां करोड़ों रुपये बहाकर विधानसभा का ढांचा क्यों खड़ा किया।
इस आरोप पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि यह वही नेता और वही पार्टी है जो राजधानी गैरसेण तो क्या राज्य बनाने के पक्ष में भी कभी नहीं रहे। उन्होने हैरानी जताई कि कल तक जो लोग चारधाम यात्रा में विपरीत प्राकृतिक परिस्थितियों के चलते हो रही दुखदाई मौतों को व्यवस्थता की नाकामी बता रहा रहे थे। साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों में भय का वातावरण बनाने का कार्य कर चारधाम यात्रा में आने से पर्यटकों को रोक रहे थे। इससे उत्तराखण्ड की अर्थिकी की रीड कहे जाने वाली चारधाम यात्रा में खलल डालने का प्रयास कर रहे थे। आज वही व्यवस्थता सुचारु और बेहतर बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से विधानसभा सत्र स्थान परिवर्तन पर राजनैतिक रोटियां सेकने लगे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना होगा कि वह इंसानी जानों और राजनीति में किसे अधिक महत्व देते हैं।
मनवीर चौहान ने कहा कि राज्य निर्माण की लड़ाई से लेकर ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने तक प्रत्येक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी का अमूल्य योगदान है। गैरसेण के विकास को लेकर भाजपा की सभी सरकारों ने अभूतपूर्वक कार्य किए है। चाहे वहाँ पेयजल समस्या का हल हो, सड़क व मोबाइल-इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर करना हो, चाहे स्वास्थ्य, विधुत व अन्य व्यवस्थता को दुरुस्त रखना हो। वहीं, जो लोग बजट सत्र गैरसेण में नहीं होने पर सार्वजनिक दुख व्यक्त कर रहे हैं। उन्होने स्वयं सीएम रहते सिवाय हवा हवाई घोषणा के गैरसेण के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होने आरोप लगाया कि हाल में जब चार धाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो कोंग्रेसी नेताओं को सूबे के स्थानीय कारोबारियों व पर्यटन व्यवसाय सेलोगों की खुशी हजम नहीं हुई। उन्होने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से यात्रा मार्ग पर होने वाली प्राकृतिक मौतों पर भी भ्रामक जानकारी फैलाकर राज्य को बदनाम करने का प्रयास किया। अब जब यात्रा पर आ रहे पर्यटकों की भारी संख्या के मद्देनजर, स्थानीय लोगों व प्रशासन की सलाह पर व्यवस्थता अधिक बेहतर करने के उद्देश्य से धामी सरकार ने बजट सत्र देहरादून में आयोजित करने का फैसला किया तो अब वही कॉंग्रेस स्थान बदलने की राजनैतिक उद्देश्य से आलोचना करने में जुटी है। उन्होने सवाल करते हुए कहा कि पहले कॉंग्रेस को अपना मत स्पष्ट करना चाहिए। वह चार धाम यात्रा पर आने वाले व व्यवस्थता करने वाले इंसानी जानों को अधिक महात्व देती है या गैरसेण को लेकर अपने राजनैतिक उद्देश्य को।




