दून में सीएमओ से मिले डिप्लोमा फार्मासिस्ट, गिनाई नौ समस्याएं, समाधान की मांग
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जनपद शाखा देहरादून के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ त्रिमासिक बैठक की। इसमें उन्होंने नौ सूत्रीय लंबित मांगों पर चर्चा की और उनके समाधान की मांग की।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जनपद शाखा देहरादून के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ त्रिमासिक बैठक की। इसमें उन्होंने नौ सूत्रीय लंबित मांगों पर चर्चा की और उनके समाधान की मांग की। साथ ही इसे लेकर सीएमओ को ज्ञापन भी दिया गया।एसोसिएशन के जिला मंत्री सीएम राणा ने इस मौके पर संगठन की नौ लंबित मांगों से सीएमओ को अवगत कराया। कहा कि आइपीएचएस (IPHS) मानक के अंतर्गत फार्मसिस्ट के पद कम हो रहे हैं। इमरजेंसी ड्यूटी में फार्मासिस्ट के पद नही रखे गए हैं। वहीं, उत्तराखंड में फार्मासिस्ट के बिना इमरजेंसी सेवाएं सम्भव नही है।
उन्होंने कहा कि लगातार अपनी उच्च कोटि की सेवा देकर उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने में फार्मासिस्टों की अहम भूमिका है। इंडियन पब्लिक हेल्थ( IPHS) को बिना फार्मासिस्ट के विश्वास के लागू करने का विरोध किया। डिप्लोमा फार्मसिस्ट एसोसिएशन जिला मंत्री सीएम राणा ने संवर्ग के पद खत्म करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राजधानी जनपद होने के कारण फार्मासिस्टों की अधिकतम वीआइपी ड्यूटी और चारधाम ड्यूटी लगाई जाती है। इसके साथ ही उन्हें पोस्टमार्टम ड्यूटी, कुम्भ मेला ड्यूटी, कोविड से सम्बंधित कार्यों में लगातार ड्यूटी करनी पड़ी। कई चिकित्सालयों में फार्मासिस्टों के पद रिक्त चल रहे है। ऊपर से सरकार में सम्बद्धता समाप्त करने के आदेश जारी कर दिया। संगठन यह भी मांग है कि चारधाम ड्यूटी के लिए टीए व डीए का अग्रिम भुगतान करने के साथ ही, CMSD से कि चिकित्सालयों तक दवाइयों पहुंचाने के लिए cmo आफिस से वाहन उपलब्ध हों। जिन सदस्यों की दुर्गम की सेवा 10 वर्ष से ज्यादा हो गयी है, उनका वरीयता आधार पर सुगम में स्थानान्तरण किया जाय। बैठक में जिला मंत्री के साथ संगठन मंत्री भगवन नोटियाल और संयुक्त मंत्री सुमेला भाटिया उपस्थित रहे।



