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January 28, 2026

Video: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, गेंदे के फूलों से सजाया गया बदरीनाथ मंदिर

तीर्थ पुरोहितों, हक हकूकधारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति में विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए।

तीर्थ पुरोहितों, हक हकूकधारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति में विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए। ग्रीष्मकाल के छह माह अब श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। उधर, पवित्र गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी एवं लोकपाल तीर्थ के कपाट रविवार 22 मई को खुलेंगे।
उत्तराखंड में चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से गेंदे के फूलों से सजाया गया था। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्रीविशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही चारधाम की यात्रा विधिवत शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि 3 मई को श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम और 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोले गए।
दो साल कोविड के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित रही। लेकिन इस बार कपाट खुलने के दौरान से ही भारी संख्या में श्रद्धालु व भक्तगण चार धामों में पहुंचे है तथा यह सिलसिला लगातार जारी है। बद्रीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालु व भक्तजन देर रात से ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने हेतु कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा बारी बारी से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये।

इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर सामिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, विधायक बद्रीनाथ राजेन्द्र भंडारी, पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट, डीजीपी अशोक कुमार, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, हरीश सेमवाल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, एसपी श्वेता चौबे सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सुबह चार बजे शुरू हुई कपाट खुलने की प्रक्रिया
श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में प्रात: 4 बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी सहित धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल तथा वेदपाठी, आचार्यजनों ने मंदिर परिसर में मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना शुरू कीष तपश्चात मंदिर के सभामंडप में प्रवेश किया। ठीक प्रात: 6 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीविशाल की जय के उदघोषों‌ के साथ श्री बदरीनाथ धाम के द्वार खोल दिये गये। कपाट खुलते ही माता लक्ष्मी जी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया। गाडू घड़ा तेल कलश को गर्भगृह में पहुंचाया गया। श्री उद्वव जी एवं कुबेर जी गर्भगृह के अंदर बदरीश पंचायत में विराजमान हो गये। उल्लेखनीय है कि कल 7 मई शाम को योग बदरी पांडुकेश्वर से रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी श्री बदरीनाथ धाम पहुंच गये थे।
कुबेर जी ने रात्रि को बामणी गांव में प्रवास किया आज सुबह कुबेर जी श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंचे।
कपाट खुलने पर रावल जी ने मंदिर गर्भगृह में प्रवेश‌कर भगवान बदरीविशाल का आव्हान कर घृतकंबल को प्राप्त किया तथा प्रसाद स्वरूप वितरित किया। श्री बदरीविशाल के निर्वाण दर्शन हुए कुछ देर में भगवान का अभिषेककर श्रृंगार रूप के दर्शन होंगे। इस दौरान मंदिर में‌ दर्शन शुरू हो गये तथा तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है।
पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालु बने गवाह
इस अवसर पर पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालुओं कपाट खुलने के गवाह बन अखंड ज्योति के दर्शन किये। कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाताओं‌ ने‌ श्री बदरीनाथ धाम को भब्यरूप से 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया पूरे बदरीनाथ धाम में गढ़वाल स्काट के बैंडों की स्वर लहरियां गुंजायमान होती रही। बामणी- पांडुकेश्वर,माणा महिला मंगल द्वारा पारंपरिक नृत्य एवं मांगलगान गाया तथा संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने स्वास्तिवाचन किया। इस अवसर पर दानीदाताओं ने जगह-जगह भंडारे आयोजित किये थे। बदरीनाथ धाम में पहली महाभिषेक पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‌ नाम से संपन्न हुई।
सीएम धामी ने दी बधाई
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पर्यटन‌, धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने सभी धामों के कपाट खुलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, विधायक राजेंद्र भंडारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद,मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मंदिर समिति सदस्य क्रमश: आशुतोष डिमरी, सचिव पर्यटन एवं धर्मस्व संस्कृति हरिचंद सेमवाल, मंदिर समिति सदस्य भास्कर डिमरी एवं वीरेंद्र असवाल, डीजीपी अशोक कुमार, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, मुख्य कार्याधिकारी बी. डी. सिंह, पीतांबर मोल्फा, हरीश डिमरी, सुनील तिवारी, अनिल ध्यानी, गिरीश चौहान, राजेंद्र चौहान, डा. हरीश गौड़,विनोद डिमरी, जगमोहन वर्त्वाल सहित सेना एवं ग्रीफ के अधिकारी भंडारी मेहता थोक के हकहकूकधारी मौजूद थे। मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर तथा निकटवर्ती मंदिर माता लक्ष्मी जी श्री गणेश‌ जी आदि गुरु शंकराचार्य जी, आदि केदारेश्वर जी, मातामूर्ति मंदिर माणा तथा श्री भविष्य बदरी तपोवन के कपाट भी इस यात्रा वर्ष के लिए खुल गये है।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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