शिक्षक राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-पुरानी पेंशन करो बहाल
शिक्षक राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-पुरानी पेंशन करो बहाल।
पुरानी पेंशन करो बहालसुन लो सुन लो ऐ सरकार, बंद करो अब हम पर अत्याचार
रख लो एनपीएस तुम अपनी, पुरानी पेंशन से हमको प्यार
सेवक पर कैसा जुल्म है ढाया, पेंशन कर दी उसकी सफाया
बुढ़ापे में बना दिया लाचार, जब तन मैं ताकत रही न काया
एमएलए, एमपी होता जो एक बार, उमर भर पेंशन का उपहार
जो करता साठ बरस तक सेवा, मिले है अंत समय दुत्कार
कैसी है ये दोहरी नीति, सेवक को सजा राजा को प्रीति
हो रहा कर्मी का उत्पीड़न, बंद करो अब इस पर राजनीति
कर्मचारी का भी है स्वाभिमान, उसने अब मन में लिया है ठान
पुरानी पेंशन करे जो बहाल, अबकी बार उसे मतदान
कवि का परिचय
राजेंद्र प्रसाद जोशी
अनुदेशक (Insructor)
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) देहरादून, उत्तराखंड।




