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October 17, 2026

कोरोना पड़ने लगा है कमजोर, कोरोना को सामान्य बीमारी की ओर धकेल रहा है ओमिक्रॉन वैरिएंट

दुनिया भर में जिस ओमिक्रॉन स्ट्रेन को लेकर स्वास्थ्य वैज्ञानिक चिंतित रहे, वही अब कोरोना को कमजोर बना रहा है। अब दुनियाभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रसार कोविड महामारी को एक एनडेमिक बीमारी की ओर से जा रहा है।

दुनिया भर में जिस ओमिक्रॉन स्ट्रेन को लेकर स्वास्थ्य वैज्ञानिक चिंतित रहे, वही अब कोरोना को कमजोर बना रहा है। अब दुनियाभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रसार कोविड महामारी को एक एनडेमिक बीमारी की ओर से जा रहा है। एनडेमिक (Endemic) से आशय सामान्य और क्षेत्र विशेष में पाई जाने वाली नियमित बीमारी है। यूरोपीय संघ (EU) के ड्रग नियामक ने मंगलवार को कहा कि ओमिक्रॉन स्ट्रेन का प्रसार कोविड को एक ऐसी एनडेमिक बीमारी की ओर धकेल रहा है। इसके साथ मानवता रह सकती है। हालांकि यह अभी के लिए एक महामारी बनी हुई है।
यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने आम आबादी को वैक्सीन का चौथा टीका देने के बारे में संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार बूस्टर देना एक “टिकाऊ” रणनीति नहीं है। यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी के वैक्सीन स्ट्रैटजी के प्रमुख मार्को केवलेरी ने कहा कि कोई नहीं जानता है कि हम कोविड रूपी इस सुरंग के अंतिम छोर पर कब होंगे, लेकिन हम वहां होंगे।
उन्होंने कहा कि आम आबादी में इम्युनिटी में वृद्धि और ओमिक्रॉन के साथ बहुत सारी प्राकृतिक इम्युनिटी प्राप्त होगी। हम तेजी से एक ऐसे परिदृश्य की ओर बढ़ रहे हैं, जो कि एनडेमिसिटी के करीब होगी। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि हमें यह भूलना चाहिए कि हम अब भी महामारी के बीच है। ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ काफी बढ़ रहा है।
इससे पहले, मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अगले 2 महीनों में यूरोप में आधे से ज्यादा लोग वैरिएंट के शिकंजे में आ सकते हैं। डब्ल्लूएचओ (WHO) ने यह चेताया कि बार-बार बूस्टर डोज देना व्यवहार्य स्ट्रैटजी नहीं है। ईएमए के केवेलरी ने कहा कि अगर हमारे पास एक ऐसी रणनीति है, जिसमें हम हर चार महीने में बूस्टर डोज देते हैं, तो हम इम्युन रिस्पॉन्स के साथ होने वाली संभावित समस्यों को समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि दूसरी बात है कि बूस्टर डोज बार-बार देने से लोगों को थकान जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि देशों को लंबे अंतराल पर बूस्टर डोज लगाने के बारे में सोचना शुरू करना चाहिए।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।