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April 19, 2026

मुफ्त बिजली की पैरवी पर कमजोर पड़ी उत्तराखंड सरकार, मिल सकती है 1200 मेगावाट बिजली

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र आनंद ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार मजबूत पैरवी करे तो उत्तराखंड को हर माह 1200 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी।

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र आनंद ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार मजबूत पैरवी करे तो उत्तराखंड को हर माह 1200 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड की जनता को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा कर चुके हैं और विद्युत लोकपाल सुभाष कुमार के बयान ने अरविंद केजरीवाल और कर्नल कोठियाल की उस बात पर मोहर लगा दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड की जनता को मुफ्त बिजली देना उनका मौलिक अधिकार है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में टीएचडीसी को लेकर मजबूती से अपना पक्ष रखे तो उत्तराखंड की जनता को 1200 मेगावाट बिजली मुफ्त मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आप की ओर से सीएम प्रत्याशी कर्नल (सेनि.) अजय कोठियाल पहले ही इस बात को कह चुके हैं कि उत्तराखंड की जनता को मुफ्त बिजली मिलने के साथ ही रॉयल्टी भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा अब इस मीडिया रिपोर्ट से कर्नल कोठियाल के दावे पर मोहर लग चुकी है। आप प्रवक्ता ने बताया कि टिहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट से उत्तराखंड को 25 प्रतिशत अंशदान के रूप में मिलना था, लेकिन अब तक यह अधिकार उत्तराखंड की जनता को नही मिल सका है।
रविन्द्र आनंद ने बताया कि राज्य विद्युत लोकपाल व पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार स्वयं स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे बिजली प्रोजेक्ट वाद में राज्य सरकार जिम्मेदारी से पैरवी करे तो राज्य की जनता को 1200 मेगावाट बिजली प्रतिमाह मुफ्त मिल सकती है। राज्य सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है, जबकि उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार को यह हक मिलना ही चाहिए। यही हाल परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर है। अब तक परिसंपत्तियों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं ले पाई है, जबकि उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी की ही सरकारें हैं।
आप प्रवक्ता ने बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों ही पार्टियों ने सिर्फ प्रदेश को लूटने का काम किया है, जिन्हें कभी भी जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रहा। इन दोनों ही दलों ने सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे देखे।इसीलिए इन्होंने कभी प्रदेश की जनता के हितों की ठोस पैरवी नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि यूपी और उत्तराखंड में दोनों ही पार्टियों ने हमेशा भेदभाव किया । यूपी में 80 लोकसभा सीटें होने की वजह से राजनीतिक दलों ने यूपी को ज्यादा तव्वजो दिया और महज 5 लोकसभा सीटों वाले उत्तराखंड को हमेशा राजनीतिक अवहेलना का शिकार होना पडा, जिस कारण उत्तराखंड राज्य आज भी असली विकास से कोसों दूर है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को ये दोनों ही दल कभी भी न्याय नहीं दिला सकते इन दोनों पार्टियों ने 20 साल में सिर्फ प्रदेश को लूटने का काम किया है। प्रदेश की जनता दोनों दलों के फ्रेंडली मैच में पिस कर रह गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत द्वारा मुफ्त बिजली देने की घोषणा एक जुमला था। उन्होनें बिना किसी तथ्य और होमवर्क के ये कोरी घोषणा की, जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव ना कैबिनेट में आया ना ही चर्चा हुई। उनका यह बयान आप पार्टी के मुफ्त बिजली देने के बाद आया। इससे बीजेपी की बौखलाहट का पता चलता है। अब 20 सालों बाद पहली बार उत्तराखंड में जनता के हक की बातें हो रही हैं। आप पार्टी जनता के हक की बात कर रही है, जबकि इससे पहले 20 सालों तक जनता को सिर्फ छलने का काम किया गया। अब जनता पूछने लगी है कि जब मंत्री और नेताओं को मु्फ्त बिजली मिल सकती है तो आम जनता को क्यों नहीं।
आप पार्टी के प्रदेश में सक्रिय होने से अब अन्य दल भी मजबूरन मुफ्त बिजली देने की बात कर रहे हैं। प्रदेश की जनता ये मानने लगी है कि आप पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो प्रदेश की जनता के हक की आवाज उठा सकती है। सरकार बनते ही अपना वादा पूरा करते हुए जनता को मुफ्त बिजली दे सकती है। उन्होनें ये भी कहा कि आप के बिजली अभियान से अब तक पूरे प्रदेश में 14 लाख से ज्यादा परिवार अपना रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनता को भरोसा दिलाया कि आप मुफ्त बिजली के साथ ही जल जंगल जमीन का हक भी सुनिश्चित करेगी। इससे जनता और प्रदेश का वास्तविक विकास हो सके, और जनता को उनका मौलिक अधिकार मिल सके।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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