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August 10, 2026

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की जांच कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड युवा संगठन ने सीएम को भेजी मेल

उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में उपजे विवाद के बाद अब उत्तराखंड युवा संगठन ने मुख्यमंत्री से एसोसिएशन के मुख्य सचिव की जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन के सचिव गोलाप सिंह गेलाकोटी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ई मेल भेजी।

उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में उपजे विवाद के बाद अब उत्तराखंड युवा संगठन ने मुख्यमंत्री से एसोसिएशन के मुख्य सचिव की जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन के सचिव गोपाल सिंह गेलाकोटी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ई मेल भेजी।
हाल ही में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन से सीनियर टीम से मुख्य कोच वसीम जाफर ने इस्तीफा दे दिया था। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर वसीम जाफर ने सीएयू के सचिव महिम वर्मा के साथ ही चयनकर्ताों पर अंगुली उठाई थी। साथ ही खिलाड़ियों के चयन में मनमानी करने, अच्छे खिलाड़ियों की उपेक्षा करने आदि के आरोप लगाए थे। वहीं, वसीम जाफर पर आरोप लगाए गए थे कि वे खिलाड़ियों को बजरंग बली का नारा लगाने से रोकते हैं। साथ ही मैदान पर नमाज पढ़ने के लिए मौलवी बुलाते हैं।


क्रिकेट में भी हिंदू-मुस्लिम का खेल होना उत्तराखंड क्रिकेट भविष्य के लिए कतई बेहतर नहीं कहा जा सकता है। बहरहाल अब गोपाल गेलाकोटी ने मुख्यमंत्री को एक ई मेल के जरिये उत्तराखंड में बर्बाद हो रहे क्रिकेट को बचाने का अनुरोध किया। इसमें कहा गया कि सीएयू क्रिकेट के क्षेत्र में कामयाबी में नाकामयाब हो रहा है।
इससे प्रदेश में क्रिकेट का प्रदर्शन निरंतर गिर रहा है। इसका कारण संघ के भीतर आपसी खींचतान, वित्तीय अनियमितताएं, चयन प्रक्रिया में मनमानी आदि हैं। टीम चयन में भी नियमों की अनदेखी की जा रही है।
कहा गया कि वसीम जाफर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेटर है। उन्होंने भी मुख्य कोच पद से इस्तीफा देकर कई अनियमितताओं पर ध्यान दिलाया है। सीएयू सचिव खेल में जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी करते हैं। यही नहीं, बीसीसीआइ के लोकपाल ने भी अपने हालिया फैसले में बताया है कि कैसे संबद्धता हासिल करने के बाद से सीएयू ने उत्तराखंड में क्रिकेट के खेल को नष्ट करने के अलावा कुछ नहीं किया है। उन्होंने सीएयू सचिव के खिलाफ जांच करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की।