बस्ती बचाओ, मकान-दुकान बचाओ अभियान को लेकर सीपीएम की पदयात्रा, अंकिता भंडारी प्रकरण में राष्ट्रपति को ज्ञापन, अमित शाह का पुतला दहन

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की ओर से देहरादून में राजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत “बस्ती बचाओ, मकान-दुकान बचाओ” तथा बस्तियों की दयनीय हालात के विरुद्ध यात्रा निकाली गई। यह जत्था पार्टी नेता डीएवी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं सीआईटीयू जिला महामंत्री लेखराज के नेतृत्व में निकाला गया। इसमें श्रमिक, कर्मचारी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, महिलाएं तथा युवा शामिल हुए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जत्थे के माध्यम से आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार एलिवेटेड रोड के नाम पर गरीब बस्तियों को उजाड़ना चाहती है। माकपा इस योजना का विरोध करते हुए गरीबों के पुनर्वास की मांग करती है। पार्टी ने जनता से एकजुट होकर भाजपा की नीतियों के विरुद्ध संघर्ष करने तथा बस्तियों की समस्याओं के समाधान हेतु आगे आने की अपील की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर कई वक्ताओं ने बताया कि लेखराज वर्ष 1998 से ही मजदूरों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। वे पूर्व जिला महासचिव तथा चित्रसेन आश्रम के अध्यक्ष रह चुके हैं। माकपा एवं विपक्ष की ओर से लेखराज गरीबों, मध्यम वर्गीय परिवारों तथा युवाओं के बीच सबसे सशक्त एवं संघर्षशील प्रत्याशी हैं, जो निश्चित रूप से जनता के दुख-दर्द दूर करने में सशक्त भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपील की कि 18 से 20 नवंबर 2026 को सचिवालय में आयोजित होने वाले “महा पड़ाव” में अधिक से अधिक संख्या में जनता शामिल होकर इस आंदोलन को सफल बनाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पार्टी के 10 मुख्य बिंदु
1. एलिवेटेड रोड योजना को रद्द कराना।
2. बस्तियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाना।
3. बस्तियों को कूड़े के ढेर और अतिक्रमण से मुक्त कराना।
4. रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षा देना।
5. बस्तियों में सीवर लाइन, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
6. बेरोजगार युवाओं को रोजगार देना और नशे के कारोबार पर रोक लगाना।
7. महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पदयात्रा में शामिल पदाधिकारी व अन्य लोग
इस अवसर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पार्टी जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनन्त आकाश, सीआईटीयू जिला अध्यक्ष एसएस नेगी, उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल, एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, छात्र संघ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र नेगी, जनवादी महिला समिति की प्रदेश महामंत्री दमयन्ती नेगी, उपाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, सीटू जिला सचिव हिमांशु चौहान, कोषाध्यक्ष रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, उपाध्यक्ष रामसिंह भंडारी, सदस्य मनीष कुमार, हरीश कुमार, एआईएलयू के महामंत्री एडवोकेट शम्भू प्रसाद ममगाई, एडवोकेट शांति प्रसाद, एडवोकेट सुधीर, आशा यूनियन की राज्य महामंत्री लोकेश, प्रभा, मीनानेगी, कमलेश, सालोचना देवी, राजपाल सिंह, अनुज कुमार, जयवती देवी , रेहड़ी पटरी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनकर, सोनू सोनकर, सहदेव, नीलम आदि बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी परिजनों को न्याय की मांग, अमित शाह का पुतला दहनअंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार को न्याय न मिलने तथा विवादित व्यक्ति दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में आज देहरादून में विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनका पुतला भी दहन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन में सीपीआई (एम), सीआईटीयू, जनवादी महिला समिति, एसएफआई, जनवादी नौजवान सभा, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद तथा राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। संगठनों ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी की हत्या की घटना को चार वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संगठनों ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने को अत्यंत चिंताजनक बताया। उनका कहना है कि राज्यपाल जैसे उच्च संवैधानिक पद पर उस व्यक्ति की नियुक्ति, जिसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले में जांच चल रही है, न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। यह पीड़ित परिवार के साथ-साथ आम जनता के न्याय पर भी प्रहार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उस भूमिका पर गंभीर सवाल उठाया, जिसके तहत इस प्रकरण में दोषियों को अप्रत्यक्ष संरक्षण प्रदान किया जा रहा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय आरोपितों को संरक्षण देने की मंशा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इसी क्रम में संगठनों ने गृहमंत्री की उत्तराखंड यात्रा का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि यह यात्रा पीड़ित परिवार की भावनाओं का उपहास है। इसी विरोध के तहत प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह का पुतला दहन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन में रखी गई मांगों में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच शीघ्र पूरी कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना, दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करना, दोषियों को संरक्षण देने वाले गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संगठनों ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति इस ज्ञापन पर संवेदनशीलता से विचार करेंगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में अपनी संवैधानिक भूमिका का निर्वाह करेंगी। इस अवसर पर सीपीएम के जिलामंत्री शिव प्रसाद देवली, सचिव अनन्त आकाश, सचिव मंडल के सदस्य लेखराज, महिला समिति की महामंत्री दमयन्ती, एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, नुरैशा, सीटू के जिला अध्यक्ष एस एस नेगी, उपाध्यक्ष भगवन्तसिंह, कोषाध्यक्ष रविन्द्र कुमार, नौजवान सभा के विप्लव, हरीश कुमार, गुरू प्रसाद पेटवाल, आनन्द मणि आदि मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर अब सीबीआई जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






