सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस मुखर, प्रदेशभर में किए प्रदर्शन

उत्तराखंड में धामी सरकार पर सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड कांग्रेस ने इसके विरोध में प्रदेशभर में वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में जगह-जगह किया विरोध प्रदर्शन किया। ‘धामी हटाओ-भूमि बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि को नि हाथों में सौंपने के फैसले के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अभियान के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने मसूरी स्थित ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि को नि हाथों में सौंपे जाने के विरोध में मसूरी में जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश की जनता ने यह सपना देखा था कि यहां के जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय जनता का अधिकार सुरक्षित रहेगा। इन संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए किया जाएगा, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार सरकारी भूमि को कौडियों के भाव नि हाथों में सौंपकर प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी महत्वपूर्ण भूमि को नि हाथों में सौंपने का निर्णय अनेक सवाल खड़े करता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस भूमि को किस प्रक्रिया के तहत, किन शर्तों पर और किसके हितों को ध्यान में रखते हुए नि हाथों में सौंपा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)गोदियाल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस पार्टी सरकारी संपत्तियों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता की संपत्तियों को नि हितों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कांग्रेस का ‘धामी हटाओ-भूमि बचाओ’ अभियान प्रदेश की जमीन, जंगल और जनहितों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा जनआंदोलन है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर सरकारी भूमि के निकरण के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। जिन जमीनों को नि हाथों में सौंपा गया है उन्हें तत्काल सरकार में निहित किया जाय। कांग्रेस पार्टी सरकार से जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि सहित सभी जमीनों को नि हाथों में सौंपने से संबंधित निर्णयों पर पुनर्विचार करने और पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग करती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र सिंह भंडारी, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, अश्विनी बहुगुणा, उपेन्द्र थापली, अमरत सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चमोली, विधानसभा प्रभारी अमरेंद्र बिष्ट,जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, पार्षद सोमेंद्र बोहरा,सुनीत राठौड़, सचिव यशपाल चौहान, गौरव अग्रवाल, ब्लाक अध्यक्ष रितेश जोशी, प्रशांत खंडूरी, मनीष गुनियाल,सोनिया आनंद, ब्लाक अध्यक्ष अपून सक्सेना, मेघ सिंह कंडारी, महिला नगर अध्यक्ष जसवीर कौर, महिला महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, निशांत बोरा,आदि वरिष्ठ नेतागण, प्रदेश पदाधिकारी, जिला एवं महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों एवं विभागों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रीतम सिंह बोले- उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीनों को नि हाथों में बेचने का सुनियोजित माध्यम
आंदोलन की इस कड़ी में विकासनगर क्षेत्र के डाकपत्थर में प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबा की और सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव नि हाथों में बेचने का विरोध किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी हक की लड़ाई: प्रीतम सिंह
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि धामी सरकार तथाकथित ‘सर्विस सेक्टर नीति’ के नाम पर उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन की खुली नीलामी कर रही है। डाकपत्थर में यमुना जल विद्युत परियोजना (UJVNL) की लगभग 180 एकड़ (722 बीघा) बहुमूल्य सरकारी भूमि को उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से बाहरी नि कंपनियों को सौंपने की साजिश रची जा रही है। यह भूमि दशकों से स्थानीय लोगों की आविका और जल-विद्युत परियोजनाओं से जुड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक संघर्ष करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मूल निवासियों के साथ हुआ विश्वासघात
प्रदर्शन में मौजूद पूर्व विधायक नवप्रभात ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन यहां के संसाधनों की रक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए हुआ था, न कि बाहरी भू-माफियाओं को जमीनों की बंदरबांट करने के लिए। सरकार को डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण से जुड़े सभी दस्तावेजों को तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय किशोर ने भी सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए इसे उत्तराखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रमुख मांगें
1. डाकपत्थर की 180 एकड़ सरकारी भूमि को नि कंपनियों को लीज पर देने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए।
2. प्रदेश में पर्यटन और सर्विस सेक्टर के नाम पर स्थानीय हितों को कुचलना बंद हो।
ये भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, संजय किशोर (पछवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष), रामशरण नौटियाल (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष), बॉबी नौटियाल (नगर पालिका अध्यक्ष), शम्मी, कुसुम कौशल, शशि चौहान , बीना चौहान , पिंकी , सुरेन्द्र शर्मा, विकास शर्मा , अतुल , अभिनव ठाकुर , सूरत सिंह, अमर सिंह, सुनील शर्मा, दीवान सिंह, उमादत्त जोशी, गुलजार, राकेश नेगी एवं विपुल जैन सहित पछवादून क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, स्थानीय व्यापारी, विद्युत कर्मचारी और भारी संख्या में क्षेत्र की आम जनता उपस्थित रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड की धरोहरों और जमीनों को पूंपतियों के हवाले कर रही है धामी सरकार: हरीश रावत
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आज पवित्र नगरी हरिद्वार में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ आंदोलन के तहत एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार स्थित ऐतिहासिक अलकनंदा होटल के समीप धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबा की और धरना दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जनता के हकों पर डाका डाल रही है सरकार: हरीश रावत
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धामी सरकार तथाकथित नीतियों की आड़ में उत्तराखंड की बहुमूल्य जमीनों और ऐतिहासिक सरकारी संपत्तियों को अपने चहेते पूंपतियों और बाहरी भू-माफियाओं के हवाले कर रही है। अलकनंदा होटल जैसी महत्वपूर्ण राज्य धरोहरों और जमीनों के निकरण की कोशिशें उत्तराखंड के स्वाभिमान और स्थानीय जनता के हकों पर सीधा डाका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हरीश रावत ने चेतावनी देते हुए कहा, “उत्तराखंड राज्य का गठन जल, जंगल और जमीन पर यहां के मूल निवासियों के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए हुआ था। लेकिन आज की सरकार उत्तराखंड की पहचान और संसाधनों की खुली नीलामी कर रही है। कांग्रेस राज्य के हितों की रक्षा के लिए चुप नहीं बैठेगी और इस आंदोलन को हर गांव, हर गली तक लेकर जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड की अस्मिता को बचाने की जंग
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी लोगों का कब्जा होता जा रहा है। ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता, संस्कृति और भूगोल को बचाने की एक निर्णायक जंग है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस की मुख्य मांगें
1. पर्यटन और सर्विस सेक्टर के नाम पर उत्तराखंड की सरकारी संपत्तियों और जमीनों को नि हाथों में सौंपने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए।
2. राज्य में कड़ा भू-कानून लागू कर स्थानीय निवासियों के जमीन संबंधी अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए।
3. अलकनंदा होटल सहित सभी राजकीय संपत्तियों का संचालन जनहित और स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देकर किया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन और धरने में हरिद्वार जिले के तमाम वरिष्ठ कांग्रेस नेता, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, स्थानीय व्यापारी, तीर्थ पुरोहित और भारी संख्या में क्षेत्र की जनता उपस्थित रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आईडीपीएल की भूमि को कौड़ियों के भाव बेचने की तैयारी में धामी सरकार: डॉ. हरक सिंह रावत
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज पूरे राज्य में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ आंदोलन के तहत जोरदार प्रदर्शन किए गए। इसी क्रम में ऋषिकेश के ऋषिकेश में स्थित ऐतिहासिक आईडीपीएल (IDPL) परिसर में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आंदोलनकारियों ने सरकार की नीतियों को उत्तराखंड विरोधी बताते हुए भारी नारेबा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड की धरोहरों पर भू-माफियाओं की नजर: डॉ. हरक सिंह रावत
जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि धामी सरकार तथाकथित ‘सर्विस सेक्टर नीति’ और निकरण की आड़ में ऋषिकेश की पहचान रही आईडीपीएल की लगभग 633 एकड़ बहुमूल्य सरकारी भूमि को नि हाथों और बड़े पूंपतियों को सौंपने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि यह भूमि उत्तराखंड के सुनहरे भविष्य, उद्योगों और स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए उपयोग में लाई जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार इसे बाहरी भू-माफियाओं की चारागाह बनाने पर तुली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हरक सिंह रावत ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि हम उत्तराखंड की संपत्तियों की इस तरह बंदरबांट नहीं होने देंगे। यदि धामी सरकार ने आईडीपीएल की जमीनों को लीज पर देने या निजी हाथों में बेचने का फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पूरी ताकत से सड़क से लेकर सदन तक इस आंदोलन को तेज करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्थानीय निवासियों का उत्पीड़न बंद करे सरकार
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आईडीपीएल की आवासीय कॉलोनियों में रह रहे सैकड़ों परिवारों को उजाड़ने और स्थानीय आविका को नष्ट करने की कोशिशें की जा रही हैं। सरकार का काम जनता को राहत देना होता है, न कि उन्हें बेघर करना और सरकारी संपत्तियों को नि घरानों के सुपुर्द करना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
1. आईडीपीएल ऋषिकेश की 633 एकड़ सरकारी भूमि का निकरण और लीज प्रक्रिया तुरंत निरस्त की जाए।
2. आईडीपीएल परिसर का उपयोग सार्वजनिक कल्याण, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं या स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी व औद्योगिक रोजगार सृजन में किया जाए।
3. पर्यटन और विकास के नाम पर उत्तराखंड की अस्मिता और संसाधनों के साथ हो रहा खिलवाड़ बंद किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दौरान कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, प्रदेश महासचिव जयेन्द्र रमोला, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय सारस्वत, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल सिंह खरोला, महानगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, प्रदेश सचिव राकेश अग्रवाल, राकेश मियां, हरिपुर ग्राम प्रधान सविता शर्मा, यूथ कांग्रेस महानगर अध्यक्ष हिमांशु कश्यप, NSUI महानगर अध्यक्ष हिमांशु , छात्रसंघ महासचिव रेहान बंदोलिया एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा मिश्रा सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






