उत्तराखंड कौथिग में लोकनृत्य और लोकगीतों की धूम, स्वास्थ्य शिविर का लोगों ने उठाया लाभ

अखिल गढ़वाल सभा की ओर से देहरादून के रेंजर्स मैदान में आयोजित उत्तराखंड कौथिग में लोकगीत संध्या और लोकनृत्य का आयोजन किया गया। रविवार की शाम कार्यक्रम का शुभारम्भ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा अपनी संस्कृति के लिए विगत 75 वर्षों से प्रशंसनीय कार्य कर रही है। उन्होंने सभा को हर सम्भव सहयोग का आश्वाशन दिया। स्वागत भाषण में सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना ने सभी का यथायोग्य स्वागत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर से हुआ। उन्होंने नंदा का कैलाश विदाई के समय का भावपूर्ण जागर प्रस्तुत किया। इसमे नन्दा का बाल चरित्र, उनका तपस्विनी जीवन और कैलाश विदाई का वृतांत है। इसके बाद प्रसिद्ध गायक आलोक मलासी ने प्रचलित गीत “मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़” और “आदि जांदी सांस छै तू”, प्रस्तुत किया। अनिल बिष्ट ने “चैत की चैतवाली” और “ऐजा है भानुमति पाबौ बाजार” गीत की प्रस्तुति दी और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भूपेंद्र बसेड़ा ने कुमाउनी गीत “मातारानी भजन” और “मेरी सुवा” प्रस्तुत किया और दर्शकों को भावविभोर कर दिया। अज्जु तोमर के जौनसारी गीत “नाटी का चस्का बुरा” और “चकुरे कि कांडी” पर दर्शक नाचने लगे। युवा गायक रोहित चौहान ने “गोरी मुखड़ी सजीली, नाक मा च नाथुली” प्रस्तुत किया। अगले सत्र में आलोक मलासी ने आजकाल मि दगडी और सुख छाया दुख छाया प्रस्तुत किया। अज्जु तोमर ने तारा लड़िये और ‘चकुरे कि कांडी’, अनिल बिष्ट ने ना बॉस घुगुति और मेरी सुनीता प्रस्तुत किया। रोहित चौहान ने कुर्ता तेरो चट लाल और टक टक हील मा, सुना कर सभी को नाचने पर मजबूर कर दिया। संगीतकारों में ऑर्गन पर ज्योति पंत, ढोलक पर सुमित गुसाईं, ढोल पर सुभाष पाण्डेय, पैड पर अनकित डिमरी, हुड़के पर प्रदीप पहाड़ी , बांसुरी पर महेश रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सुबह आयोजित किए गए लोकनृत्य
इससे पहले अखिल गढ़वाल सभा की ओर से उत्तराखंड कौथिग में सुबह 11 बजे थडिया चौफुला, झोड़ा प्रदर्शन में ज्वाल्पा दल द्वारा मंजू कोटनाला के नेतृत्व मे ऐग्या असूज कु मैना, डॉ कृपा राणता एवं साथियों ने ‘राजा की बागवानी फूल खिलेलो झुमैलो’ पर नृत्य प्रस्तुत किया।। महिला मंच के कलाकारों ने शांता नेगी के नेतृत्व में “रात घनघोर” गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया।। नंदा देवी दल द्वारा आशा बिष्ट के नेतृत्व नन्दा देवी गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पर्वतीय महिला मंडल आरकेडिया ने तारेश्वरी भंडारी के नेतृत्व में “कु होलु चौराड़ी कु सुखिलो’ गीत पर सुंदर ठदया चौफुला प्रस्तुत किया। कुमाऊं के श्रद्धा ग्रुप द्वारा बबिता शाह लोहानी के नेतृत्व में “ऐजा सुनार दही भात खेजा” गीत पर सुंदर नृत्य किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं दर्जा राज्य मंत्री विनोद उनियाल ने कहा कि गढ़वाल सभा अपनी पौराणिक थाती को आगे बढ़ाने का अद्भुत कार्य कर रही है। समारोह स्थल पर हेल्थ नेटवर्किंग सेवा स्थान एवं कनिष्क अस्पताल की ओर से लगाए गए निशुल्क हेल्थ कैंम्प में 184 रोगियो ने लाभ प्राप्त किया। कैम्प में बीपी, शुगर के सबसे जादा रोगी मिले। कैम्प के आयोजन में गाईनी डा रितु गुप्ता, डा एस पी भट्ट, अभा शर्मा, डा तुसब, डा संजना आदी का सहयोग रहा।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



