अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने, जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों को जनता के सामने रखने तथा दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून ने सरकार पर तीखा हमला बोला। गौरतलब है कि हाल ही में अंकिता के माता पिता नई दिल्ली में कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मिले थे। इसके बाद से ही कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार पर और अधिक हमलावर हो गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने प्रेस वार्ता में कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं, बल्कि प्रदेश के हर परिवार की बेटी थी। उसके परिवार को न्याय दिलाना सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि CBI जांच की प्रगति क्या है और जांच में अब तक कौन-कौन से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सरकार और जांच एजेंसी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता को अंधेरे में रखकर न्याय की प्रक्रिया को लंबा नहीं खींचा जा सकता। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. गोगी ने कहा कि महानगर कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि CBI जांच की वर्तमान स्थिति और प्रगति सार्वजनिक की जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति, प्रभावशाली व्यक्ति या षड्यंत्र से जुड़े किसी नए तथ्य की जानकारी सामने आई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होनी चाहिए। अंकिता के माता-पिता वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्हें न्याय मिलने में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महानगर कांग्रेस इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड सिर्फ एक परिवार के न्याय का मामला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और भरोसे से जुड़ा गंभीर विषय है। CBI जैसी सर्वोच्च जांच एजेंसी की जांच की प्रगति को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने न आना गंभीर सवाल खड़े करता है। जनता जानना चाहती है कि जांच कहां तक पहुंची और अब तक क्या निष्कर्ष सामने आए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भंडारी ने कहा कि हमारी मांग है कि जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, प्रत्येक आरोपी और संभावित षड्यंत्र में शामिल व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो तथा किसी भी प्रभाव या दबाव के बिना दोषियों को कठोरतम कानूनी सजा दिलाई जाए। अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी। सरकार को जवाब देना होगा कि न्याय में देरी क्यों हो रही है और जांच की प्रगति जनता से क्यों छिपाई जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस मामले में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच तथा शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
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