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August 14, 2026

मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के विरोध में कांग्रेसियों का देहरादून में प्रदर्शन, बीजेपी का पुतला फूंका, वैभव वालिया बोले- कथित शुद्धिकरण दलित विरोधी मानसिकता

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के विरोध में देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा को खड़गे ने संबोधित किया था। उनके जाने के बाद कुछ लोगों ने उसी कार्यक्रम स्थल पर कथित रूप से हवन-यज्ञ कर शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इसे कांग्रेस ने दलित नेता के अपमान से जोड़ा है और इस मामले में बीजेपी का विरोध शुरू हो चुका है। हालांकि, ये मामला गुरुवार को राज्यसभा में खड़गे ने खुद उठाया। इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसी घटनाओं को बीजेपी समर्थन नहीं करती है। इसकी जांच कराई जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस घटना के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया ने सेवला कला चौक स्थित अंबेडकर भवन में भाजपा का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और सामाजिक रूप से हाशिये पर खड़े लोगों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए समर्पित किया हो, उनके कार्यक्रम स्थल को शुद्ध करने जैसी मानसिकता 21वीं सदी के भारत के लिए बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब भी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा की गई ऐसी घटनाओं पर घिरती है तो उसे ‘फ्रिंज एलिमेंट’ बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास करती है। सवाल यह है कि अगर ये लोग भाजपा से जुड़े नहीं हैं तो इतने दिन बीत जाने के बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? FIR क्यों दर्ज नहीं हुई? सरकार ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच क्यों नहीं कराई? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की माफी भर से यह मामला समाप्त नहीं हो जाता। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार की चुप्पी यह सवाल खड़ा करती है कि क्या ऐसे कृत्यों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। गृह मंत्रालय और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि संविधान की भावना और कानून का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। यदि किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा जातिगत घृणा और सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा दिया जाता है तो सरकार को केवल बयान नहीं, बल्कि ठोस कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

वैभव वालिया ने कहा कि हल्द्वानी की घटना को कांग्रेस पार्टी कतई सामान्य घटना मानकर छोड़ने वाली नहीं है। लंबे समय से जातिगत और अपमानजनक टिप्पणियों को ‘बयान’, ‘मजाक’ या ‘फ्रिंज एलिमेंट’ कहकर नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति ने ऐसे लोगों के हौसले बढ़ाए हैं। अब इस राजनीतिक संस्कृति को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में विश्वास रखने वाला भारत किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर अपमान या भेदभाव को स्वीकार नहीं कर सकता। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वालिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य प्रशासन से मांग की कि हल्द्वानी की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों की पहचान की जाए, FIR दर्ज की जाए और उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि माफी नहीं, कार्रवाई चाहिए। बयान नहीं, जवाबदेही चाहिए। कांग्रेस पार्टी और देश का दलित समाज इस अपमानजनक मानसिकता के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस दौरान पुतला दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल, राष्ट्रीय संयोजक नानक चंद, डिंपल कुमार, अमन सिंह, राव नसीम, तनवीर, पीयूष गौड़, जगदीश धीमान, रेहाना परवीन, आफताब, वसीम, आयुष सेमवाल, बबलू पंवार, दीपक मंडवाल, कृष्ण कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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